शिक्षकों के हक की हुंकार! आनंद पुष्कर बोले- ‘Pay Scale से लेकर पूरी सुविधा दिलाकर रहेंगे’
जिले के विभिन्न वित्तरहित और अनुदानित संस्थानों के शिक्षकों के साथ आयोजित विशेष कार्यक्रम में उन्होंने साफ कहा कि जब तक इन शिक्षकों को शिक्षा व्यवस्था की मुख्यधारा में शामिल नहीं किया जाएगा, तब तक असली सुधार अधूरा रहेगा।
कमिटी गठन को बताया बड़ी जीत
संवाद के दौरान आनंद पुष्कर ने बताया कि उनके प्रयासों से ही इस मुद्दे पर सरकार ने गंभीरता दिखाई है। प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमिटी का गठन किया गया है, जो लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
‘सिर्फ वादा नहीं, परिणाम चाहिए’
पुष्कर ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि उनकी राजनीति केवल आश्वासन तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वित्तरहित और अनुदानित शिक्षकों को वेतनमान के साथ-साथ राज्यकर्मियों जैसी सभी सुविधाएं दिलाना उनकी प्राथमिकता है।
शिक्षकों का मिला समर्थन
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों ने भी उनकी सक्रियता और पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो उनकी आवाज को मजबूती से सदन तक पहुंचा सके।
इस संवाद कार्यक्रम के बाद यह साफ हो गया है कि इस बार चुनाव में वित्तरहित शिक्षकों का मुद्दा केंद्र में है, और इसी के इर्द-गिर्द सियासी समीकरण भी बनते नजर आ रहे हैं।