तेज प्रताप यादव का ‘बड़ा खुलासा’ टला, पांच जयचंदों का नाम उजागर करने से पीछे हटे- परिवार की रोक या नई रणनीति?

 

Patna: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव का शुक्रवार को होने वाला “बड़ा खुलासा” अब रहस्य बन गया है। गुरुवार रात सोशल मीडिया पर उन्होंने दावा किया था कि वे पार्टी के भीतर के पांच ‘जयचंदों’ के नाम सामने लाएंगे, लेकिन पूरे दिन बीतने के बाद भी न कोई ट्वीट आया और न ही प्रेस कॉन्फ्रेंस।

प्रेस कॉन्फ्रेंस टली, मीडिया का इंतजार बेकार

शुक्रवार को उनके आवास पर सुबह से शाम तक पत्रकार जुटे रहे, लेकिन तेज प्रताप सामने नहीं आए। अब शनिवार को जब उनसे इस बाबत सवाल किया गया तो उन्होंने झुंझलाते हुए कहा, “अब छोड़िए वो सब बात… हम उस पर टिप्पणी नहीं करेंगे।”

लालू-राबड़ी की रोक की चर्चा

पार्टी गलियारों में चर्चा है कि तेज प्रताप को अंतिम समय पर लालू यादव और राबड़ी देवी ने रोक दिया। सूत्रों के मुताबिक, राबड़ी देवी ने उन्हें समझाया कि ऐसी घोषणा राजद और परिवार के लिए राजनीतिक नुकसान ला सकती है। यही वजह रही कि लगातार दूसरी बार प्रेस कॉन्फ्रेंस टल गई।

बेगूसराय दौरे पर भी सवाल

तेज प्रताप शनिवार को बेगूसराय रवाना हुए। रास्ते में जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी टीम से कोई उम्मीदवार चुनाव लड़ेगा? तो उन्होंने जवाब दिया, “ये सब जनता से पूछिए, जनता ही तय करेगी।”

जयचंदों की तलाश अभी अधूरी

तेज प्रताप ने गुरुवार रात सोशल मीडिया पर दावा किया था कि पांच जयचंदों में से एक बिहार छोड़कर भागने वाला है। उन्होंने लिखा था, “कोई भी जयचंद मेरी नजरों से बच नहीं सकता। धीरे-धीरे सबका चेहरा और चरित्र सामने आएगा। मीडिया बंधु अलर्ट मोड पर रहें।”

लेकिन 24 घंटे बाद भी उन्होंने किसी नाम का खुलासा नहीं किया। इससे उनके समर्थकों और विरोधियों दोनों के बीच सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह महज राजनीतिक रणनीति थी या फिर पारिवारिक दबाव का असर।