तेज प्रताप–ऐश्वर्या तलाक विवाद में फिर सुलह की कोशिश, फैमिली कोर्ट में तीसरी बार मध्यस्थता आज
यह मामला पहले फैमिली कोर्ट से होते हुए Patna High Court तक पहुंचा था। हाईकोर्ट ने ऐश्वर्या की रिव्यू पिटीशन खारिज करते हुए हस्तक्षेप से इनकार किया और फैमिली कोर्ट को छह महीने के भीतर मामले के निपटारे का निर्देश दिया था, हालांकि तय समयसीमा गुजर चुकी है।
पहले भी बेनतीजा रही मध्यस्थता
इस हाई-प्रोफाइल केस में दो बार सुलह की कोशिश हो चुकी है। एक बैठक कोर्ट के निर्देश पर पटना चिड़ियाघर में हुई थी, जबकि दूसरी एक होटल में आयोजित की गई थी, जिसमें राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी मौजूद थे। लेकिन दोनों प्रयास किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके।
बताया जाता है कि तेज प्रताप तलाक के पक्ष में हैं, जबकि ऐश्वर्या इस रिश्ते को बचाने की बात कहती रही हैं।
आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी दांव-पेच
मामले में गंभीर आरोप भी लगे हैं। ऐश्वर्या ने अपनी सास राबड़ी देवी पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोपों के पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं किए गए तो अदालत तलाक याचिका खारिज भी कर सकती है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस अरुण कुमार झा ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 24 का हवाला देते हुए तलाक मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया था।
गुजारा भत्ता और आवास पर भी विवाद
फैमिली कोर्ट पहले ही ऐश्वर्या को अंतरिम गुजारा भत्ता देने का आदेश दे चुका है। आवास को लेकर भी दोनों पक्षों में मतभेद है। तेज प्रताप की ओर से गोला रोड स्थित फ्लैट की पेशकश की गई थी, लेकिन ऐश्वर्या ने एसके पुरी इलाके में सुविधायुक्त आवास और प्रति माह डेढ़ लाख रुपये भत्ता की मांग रखी है।
गौरतलब है कि दोनों की शादी 12 मई 2018 को धूमधाम से हुई थी, लेकिन 2019 में रिश्ते में दरार सार्वजनिक हो गई और मामला कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया।
अब निगाहें फैमिली कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हैं, क्या आज समझौते का रास्ता निकलेगा या यह राजनीतिक परिवार का यह निजी विवाद और लंबा खिंचेगा?