तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला, बोले- बिहार में घोटालों और पेपर लीक से युवाओं का भविष्य खतरे में

 

Bihar news: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रदेश की एनडीए सरकार पर भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दे पर जमकर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में नाकाम रही है। तेजस्वी ने कहा कि राज्य में लगातार घोटालों के मामले सामने आ रहे हैं, जबकि आम लोगों और युवाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों का समाधान नहीं हो पा रहा है।

तेजस्वी यादव ने सृजन घोटाले, डस्टबिन घोटाले और कथित तौर पर 77 हजार करोड़ रुपये के अनसुलझे हिसाब-किताब का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि बिहार में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है। विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है।

दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग

महापुरुषों के सम्मान के मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि दशरथ मांझी के योगदान को सम्मान मिलना चाहिए। साथ ही पटना में उनकी प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर भव्य स्मारक बनाने की मांग भी सरकार के सामने रखी।

19 अगस्त को राजभवन मार्च का ऐलान

तेजस्वी यादव ने युवाओं और छात्रों के मुद्दे पर 19 अगस्त को राजभवन मार्च निकालने की घोषणा की। उन्होंने बेरोजगार युवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं से प्रभावित अभ्यर्थियों, विश्वविद्यालय और कोचिंग संस्थानों के छात्रों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह मार्च बेरोजगारी, पेपर लीक और सरकार की नीतियों के खिलाफ युवाओं की आवाज को मजबूती देगा।

वहीं, बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी तेजस्वी ने सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के कारण राज्य के खजाने पर दबाव बढ़ रहा है और इसका असर सरकारी व्यवस्था पर पड़ रहा है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार की जनता के पैसे का इस्तेमाल पारदर्शी तरीके से होना चाहिए और भ्रष्टाचार के मामलों में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।