47 साल पुरानी व्यवस्था खत्म! बिहार में ‘नया प्रशासनिक सिस्टम 2026’ लागू करने की तैयारी में सम्राट सरकार
बदलाव की तैयारी तेज, विभागों को मिला टास्क
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने कामकाज की गहराई से समीक्षा करें। खास तौर पर ऐसे नियमों और प्रक्रियाओं की पहचान करने को कहा गया है जो अब अप्रासंगिक हो चुकी हैं या जिनकी जरूरत खत्म हो गई है। मंत्रिमंडल सचिवालय इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है।
सरल होगा सिस्टम, तेज होंगे फैसले
नई नियमावली का मकसद साफ है सरकारी कामकाज को आसान बनाना, अनावश्यक पेचीदगियों को खत्म करना और फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करना। इससे आम जनता को मिलने वाली सेवाएं ज्यादा पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेंगी।
पुराने तरीके होंगे खत्म
नई व्यवस्था लागू होने के बाद कई पारंपरिक और धीमी प्रक्रियाओं को अलविदा कहा जा सकता है, जैसे—
• मैनुअल रजिस्टर और फाइलिंग सिस्टम
• डाक के जरिए लंबा पत्राचार
• एक ही काम के लिए कई स्तर की मंजूरी
• पुराने लाइसेंस और परमिट सिस्टम
• मैनुअल पेमेंट प्रक्रिया
• अनावश्यक फिजिकल वेरिफिकेशन
इनकी जगह डिजिटल और तेज प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
11 मई तक रिपोर्ट, फिर होगा अंतिम फैसला
सरकार ने सभी विभागों को 11 मई तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इसके बाद 12 मई को उच्चस्तरीय बैठक में इन सुझावों पर चर्चा कर नई नियमावली को अंतिम रूप दिया जाएगा।
आपको बता दें कि, सम्राट सरकार का यह कदम बिहार के प्रशासनिक सिस्टम को 21वीं सदी के अनुरूप ढालने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है, जिससे न सिर्फ सरकारी कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि जनता को भी सीधे तौर पर फायदा मिलेगा।