‘समृद्धि यात्रा’ का 5वां चरण जारी: CM नीतीश का ताबड़तोड़ दौरा, सियासी मायने भी गहरे
• विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ जनता से सीधा संवाद
• अंतिम यात्रा की अटकलों से बढ़ी राजनीतिक हलचल
ऐसा रहेगा पूरा कार्यक्रम
यात्रा की शुरुआत 23 मार्च को जहानाबाद और अरवल से होगी। इसके बाद 24 मार्च को मुख्यमंत्री कैमूर और रोहतास पहुंचेंगे।
25 मार्च को भोजपुर और बक्सर का दौरा तय है, जबकि 26 मार्च को राजधानी पटना में इस चरण का समापन होगा।
जमीनी हकीकत का होगा आकलन
इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री हर जिले में चल रही विकास योजनाओं की गहन समीक्षा करेंगे। अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रगति का आकलन करेंगे और जहां जरूरत होगी, वहीं मौके पर निर्देश भी देंगे।
इसके साथ ही ‘जन संवाद’ कार्यक्रम के जरिए आम लोगों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और समाधान के निर्देश देंगे। कई जगहों पर नई परियोजनाओं की घोषणा भी की जा सकती है।
सिर्फ प्रशासनिक नहीं, सियासी संदेश भी
यह यात्रा सिर्फ विकास की समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी काफी अहम माने जा रहे हैं। चर्चा है कि नीतीश कुमार राज्यसभा की ओर रुख कर सकते हैं, ऐसे में इस दौरे को उनके कार्यकाल की आखिरी ‘समृद्धि यात्रा’ के तौर पर भी देखा जा रहा है।
यही वजह है कि इस बार का दौरा प्रशासनिक के साथ-साथ सियासी दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण बन गया है। बिहार की राजनीति में आगे क्या बदलाव होगा, इसकी झलक इस यात्रा के दौरान साफ दिखाई दे सकती है।