दुर्गावती नदी पर प्रशासन की पैनी नजर, DM ने कई संवेदनशील इलाकों का किया निरीक्षण
Kaimur: जिले में बाढ़ और जल प्रबंधन की स्थिति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल और दुर्गावती जलाशय परियोजना से जुड़े विकासात्मक, उपचारात्मक और सुरक्षात्मक कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में तटबंधों, गाइड बांधों और अन्य सुरक्षात्मक संरचनाओं की स्थिति के साथ जलस्राव तथा बाढ़ की संभावित स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में जिले की स्थिति नियंत्रण में है और जलस्राव लगातार घटने के चरण में है। अनुमान है कि अगले 24 घंटे में स्थिति सामान्य हो सकती है।
24 घंटे में सामान्य हो सकती है स्थिति
बैठक में बताया गया कि जलस्राव (Water Discharge) लगातार कम हो रहा है। फिलहाल जिले के किसी भी हिस्से से जनहानि या किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
हालांकि, संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने निगरानी और एहतियाती इंतजाम जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
तटबंधों की 24×7 निगरानी के निर्देश
जिला पदाधिकारी ने सभी तटबंधों, गाइड बांधों और अन्य सुरक्षात्मक संरचनाओं की 24×7 निगरानी सुनिश्चित करने को कहा है।
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थानों पर अभियंताओं की नियमित मौजूदगी और लगातार क्षेत्र भ्रमण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित रिसाव, कटाव या अन्य तकनीकी समस्या की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
SDRF की टीम मुस्तैद, 10 हजार Sandbags तैयार
आपातकालीन निकासी या राहत-बचाव की जरूरत पड़ने की स्थिति में SDRF की टीम को बुला लिया गया है। टीम को पूरी तरह तैयार रखा गया है।
जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव से संबंधित सभी आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि आपात स्थिति के लिए करीब 10,000 बालू भरी बोरियों (Sandbags) का सुरक्षित भंडारण किया गया है।
12 नाव, 19 गोताखोर और राहत सामग्री तैयार
जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने बैठक में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी दी।
प्रशासन के अनुसार:
- जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन व बचाव कार्य के लिए 12 नावों के साथ एकरारनामा किया गया है।
- 815 पॉलिथीन शीट्स का भंडारण किया गया है।
- 29 लाइफ जैकेट्स उपलब्ध हैं।
- 1 महाजाल सुरक्षित रखा गया है।
- 19 कुशल गोताखोरों को चिह्नित कर सूचीबद्ध किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि जरूरत के अनुसार उपलब्ध मानव संसाधन, तकनीकी संसाधन और राहत सामग्री का जमीनी स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
दुर्गावती जलाशय परियोजना की भी समीक्षा
बैठक में दुर्गावती जलाशय परियोजना से जुड़े विकासात्मक और तकनीकी कार्यों की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों से परियोजना के विभिन्न कार्यों की प्रगति और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई।
जिला पदाधिकारी ने जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन शाखा के बीच बेहतर समन्वय और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ तैयार रहें।
DM ने रतवार से राजेश्वर नगर घाट तक किया निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद जिला पदाधिकारी ने जिले के कई महत्वपूर्ण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने रतवार, मोहनिया पंप हाउस, बेलौड़ी, कुदरा और दुर्गावती नदी स्थित राजेश्वर नगर घाट का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से मौके की स्थिति की जानकारी ली गई। प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण किए गए स्थानों पर जलस्तर सामान्य पाया गया और किसी तरह के जलजमाव या तत्काल खतरे की स्थिति नहीं मिली।
ग्रामीणों से संवाद, समस्याओं के समाधान का निर्देश
राजेश्वर नगर घाट के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों की ओर से उठाए गए मुद्दों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
मोहनिया विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता देवी भी जिला पदाधिकारी के साथ क्षेत्रीय निरीक्षण में शामिल हुईं और मौके पर स्थिति का जायजा लिया।
प्रशासन ने कहा- आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को मौजूदा परिस्थितियों में पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति में आम लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
फिलहाल प्रशासन के अनुसार जिले की स्थिति नियंत्रण में है और जलस्राव घट रहा है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी, राहत सामग्री और बचाव दलों को तैयार रखा गया है।