गंगा-गंडक किनारे फर्राटा भरेंगी गाड़ियां, बिहार सरकार ने तीन नए रिवरफ्रंट एक्सप्रेस-वे के लिए शुरू की टेंडर प्रक्रिया
Patna: बिहार में सड़क संपर्क को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने गंगा और गंडक नदी के किनारे तीन नए रिवरफ्रंट एक्सप्रेस-वे विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. बिहार राज्य पथ विकास निगम (BSRDC) ने इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है. करीब 220 किलोमीटर लंबे इन चार-लेन एक्सप्रेस-वे के निर्माण से राज्य की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से सीधा जुड़ाव स्थापित होगा.
सरकारी योजना के अनुसार, परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी संबंधी कार्यों हेतु कंसल्टेंसी एजेंसियों का चयन किया जाएगा. चयनित एजेंसियां अगले 12 महीनों में तकनीकी सर्वे और अध्ययन पूरा करेंगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा. इन परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा.
गंगा और गंडक नदी के किनारे करीब 220 किलोमीटर लंबे तीन नए फोरलेन रिवरफ्रंट एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे. माना जा रहा है कि इन सड़कों के बनने से राज्य में यातायात, व्यापार और निवेश को नई रफ्तार मिलेगी. इस महत्वाकांक्षी परियोजना को बिहार राज्य पथ विकास निगम (BSRDC) विकसित करेगा. इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
पथ निर्माण विभाग के अनुसार, परियोजना के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों का चयन किया जाएगा. ये एजेंसियां सड़क का डिजाइन, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय मंजूरी और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन करेंगी. अगले 12 महीनों में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होने के बाद निर्माण लागत तय की जाएगी और फिर निर्माण कार्य शुरू होगा.
PPP मॉडल पर बनेगी परियोजना
सरकार इन तीनों एक्सप्रेस-वे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित करेगी. इससे सरकार पर वित्तीय बोझ कम पड़ेगा और निजी निवेश भी आकर्षित होगा. इन तीनों परियोजनाओं का नाम विश्वामित्र पथ, अंबिका पथ और नारायणी पथ रखा गया है.
विश्वामित्र पथ: मनेर से बक्सर तक
विश्वामित्र पथ करीब 90 किलोमीटर लंबा होगा. यह मनेर से शुरू होकर आरा होते हुए बक्सर तक जाएगा. बक्सर में इस सड़क को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और जनेश्वर मिश्र पुल से जोड़ा जाएगा. इससे बिहार से लखनऊ और दिल्ली तक की यात्रा आसान और तेज हो जाएगी.
अंबिका पथ: पटना के ट्रैफिक को मिलेगी राहत
अंबिका पथ लगभग 56 किलोमीटर लंबा होगा. यह बिदुपुर, सोनपुर और दिघवारा को जोड़ेगा. यह सड़क जेपी सेतु, महात्मा गांधी सेतु और कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से भी जुड़ेगी. इसके बनने से पटना में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचना आसान हो जाएगा.
नारायणी पथ: व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
नारायणी पथ 74 किलोमीटर लंबा फोरलेन एक्सप्रेस-वे होगा. यह सोनपुर के दरिहारा से गोपालगंज के डुमरिया तक गंडक नदी के किनारे बनाया जाएगा. यह मार्ग पटना को ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जोड़ेगा. साथ ही माल ढुलाई, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा. सारण और गोपालगंज के दियारा क्षेत्रों के विकास में भी यह सड़क महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र ने कहा कि विकसित बिहार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आधुनिक सड़क नेटवर्क जरूरी है. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से सड़क परिवहन बेहतर होगा, निवेश बढ़ेगा, उद्योगों को फायदा मिलेगा और पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी. इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
सरकार का मानना है कि ये तीनों रिवरफ्रंट एक्सप्रेस-वे बिहार को राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे.