पटना सिटी में गूंजा श्री गोपी गीत का रस, आचार्य चंद्रभूण मिश्र ने बताया पुरुषोत्तम मास का आध्यात्मिक महत्व
अपने प्रवचन के दौरान आचार्य श्री ने गोपी गीत का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों के मध्य हुई दिव्य रासलीला की आध्यात्मिक व्याख्या की। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति और भावनाओं में डूबे नजर आए तथा पूरे मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और जयकारों की गूंज सुनाई देती रही।
इस अवसर पर बाबा श्याम का विशेष एवं आकर्षक श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। मंदिर के मुख्य पुजारी के मार्गदर्शन में मुख्य यजमान द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई तथा बाबा श्याम को 56 भोग अर्पित किया गया।
कथा के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। दूर-दराज़ से आए हजारों भक्तों की उपस्थिति से मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में दिलीप डीडवानिया, प्रदीप जैन, मनीष हरलालका, राहुल अग्रवाल, पंकज लोयलका, रेणु डीडवानिया, सुनीता हरलालका, पिंकी जैन, स्वाति अग्रवाल, श्याम सखी समूह की सदस्याओं तथा श्री श्याम सेवा एवं श्री श्याम सेवक परिवार के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रद्धालुओं ने आयोजन की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना करते हुए इसे धार्मिक चेतना और भक्ति भाव को मजबूत करने वाला प्रेरणादायक कार्यक्रम बताया।