गयाजी में विष्णुपद मंदिर का बदलेगा स्वरूप, 3516 करोड़ की योजना मंजूर; काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर होगा विकास
Bihar news: गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर और इसके आसपास के इलाके को भव्य और आधुनिक रूप देने की तैयारी तेज हो गई है। बिहार सरकार ने मंदिर परिसर के विकास और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए कुल 3,516.05 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इस बड़े प्रोजेक्ट के बाद गयाजी में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय सुविधाओं को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इसमें विष्णुपद मंदिर परिसर के विकास के लिए 2,520 करोड़ रुपये और सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए 996.05 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर बदलेगा मंदिर परिसर
बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि विष्णुपद मंदिर गया की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। पितृपक्ष के दौरान यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
प्रस्तावित योजना के तहत मंदिर क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। विकास कार्यों में मल्टीलेवल कार पार्किंग, एलिवेटेड पथ, रैंप, घाटों का विकास और पैदल यात्री पुल जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा मनसरवा-मानपुर ब्रिज, डोमेस्ट्री और कैंटीन, प्रतिमा निर्माण, पीएफसी सीता कुंड, सार्वजनिक सुविधाएं और आंतरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं। परियोजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड करेगा।
सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना पर भी आगे बढ़ेगा काम
विष्णुपद मंदिर के विकास के साथ सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना को भी इस स्वीकृति से गति मिलने की उम्मीद है। इसके तहत इन्द्रपुरी बैराज से करीब 23 किलोमीटर अपस्ट्रीम एक इनटेक वेल बनाने का प्रस्ताव है।
इस व्यवस्था के जरिए सोन नदी से पानी उठाकर लगभग 11 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से उत्तर कोयल मुख्य नहर के करीब 32.77 किलोमीटर बिंदु तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद पानी उत्तर कोयल दायां मुख्य नहर के जरिए आगे प्रवाहित होगा।
पितृपक्ष में आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
विष्णुपद मंदिर में पिंडदान और तर्पण के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। खासकर पितृपक्ष के दौरान गयाजी में देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी श्रद्धालुओं का आगमन होता है।
डॉ. प्रेम कुमार के मुताबिक दोनों योजनाओं के पूरा होने से धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। श्रद्धालुओं के लिए आधारभूत सुविधाएं बेहतर होंगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
गयाजी को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य गयाजी को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके लिए आधुनिक आधारभूत संरचना और नागरिक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
3,516 करोड़ रुपये से अधिक की इन दोनों योजनाओं को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मंदिर क्षेत्र के विकास के साथ नदी जोड़ परियोजना पूरी होने पर गयाजी के धार्मिक महत्व के साथ क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।