‘सरकार पहुंची गांव के द्वार’- सहयोग शिविर में DM-SP ने सुनी जनता की समस्याएं, मौके पर हुआ कई मामलों का समाधान

 
Bihar News: जन समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड के पिपरा खुर्द पंचायत सरकार भवन में मंगलवार को विशेष ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन किया गया। शिविर का निरीक्षण जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को जल्द समाधान के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सावन कुमार ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सामाजिक सुरक्षा, मनरेगा, आपूर्ति, पंचायती राज, विद्युत और जल-नल योजना से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। शिविर में भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, राशन कार्ड, पेंशन, आवास योजना और बिजली-सड़क जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।

कई शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया, जबकि जटिल मामलों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि इस शिविर का उद्देश्य प्रशासन को आम लोगों के दरवाजे तक पहुंचाना है, ताकि जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हर नागरिक के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए और जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने चेतावनी दी कि शिकायतों के समाधान में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. ने भी ग्रामीणों से सीधा संवाद कर सुरक्षा व्यवस्था का फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल बनाए रखना पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर लोगों को जागरूक करते हुए उन्होंने अपील की कि कोई भी व्यक्ति अनजान लोगों के साथ बैंक खाता, एटीएम या ओटीपी की जानकारी साझा न करे।

उन्होंने कहा कि साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। सहयोग शिविर में महिलाओं की भागीदारी भी काफी उत्साहजनक रही। जीविका समूह और सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ी समस्याओं को लेकर महिलाओं ने खुलकर अपनी बातें अधिकारियों के सामने रखीं।

गांव में जिले के शीर्ष अधिकारियों को सीधे पहुंचकर समस्याएं सुनते देख ग्रामीणों ने इस पहल की जमकर सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस तरह के शिविर से प्रशासन और जनता के बीच भरोसा मजबूत होगा। इस मौके पर विभिन्न विभागों के जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।