हर वोट की अहमियत - असम में SVEEP अभियान से लोकतंत्र को मिल रही नई ताकत, जमीनी स्तर पर बढ़ी वोटर जागरूकता
असम में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारियों (DEOs) द्वारा जमीनी स्तर पर कई अभिनव और जन-केंद्रित पहल की जा रही हैं। इन अभियानों का उद्देश्य है कि कोई भी मतदाता मतदान से वंचित न रहे और हर नागरिक लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में नुक्कड़ नाटक, रंगोली प्रतियोगिता, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, वॉल पेंटिंग और वर्कशॉप जैसे कार्यक्रमों के जरिए लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा, कई जिलों में आकर्षक मैस्कॉट और लोकप्रिय हस्तियों को वोटर आइकन बनाकर लोगों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। प्रसिद्ध पैरा-साइक्लिस्ट राकेश बोनिक को राज्य आइकन बनाकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में तमुलपुर जिले में “अडॉप्ट ए पोलिंग स्टेशन” अभियान की शुरुआत की गई है, जो कम मतदान वाले बूथों पर खास फोकस करता है। इस अभियान के तहत सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) और अन्य अधिकारी सीधे लोगों से संपर्क कर उन्हें मतदान के महत्व के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
इस पहल की खास बात यह है कि इसमें समाज के हर वर्ग खासकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और पहली बार वोट देने वाले युवाओं को शामिल किया जा रहा है। यहां तक कि 85 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाता भी इन बैठकों में उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं, जो इस अभियान की समावेशी सोच को दर्शाता है।
अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के जमीनी स्तर के प्रयास न केवल मतदान प्रतिशत बढ़ाएंगे, बल्कि लोगों के बीच लोकतंत्र के प्रति विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करेंगे।
असम अब एक बार फिर “लोकतंत्र के पर्व” को और भी ज्यादा सहभागिता और उत्साह के साथ मनाने की तैयारी में है।