बिहार के डेढ़ करोड़ लोगों के राशन पर मंडराया खतरा..कभी भी बंद हो सकता है, जानिए क्या करना होगा...

Bihar: अब सरकार ने एक दम स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में E-KYC सभी लाभुकों के लिए एकदम जरूरी है. इसके सरकार ने नई तारीख यानी डेडलाइन भी तय कर दी है जो 31 मार्च 2026 है. इससे पहले 15 फरवरी तक की तारीख तय की गई थी, फिर इसे बढ़ाकर 28 फरवरी तक ले जाया गया था. अब बिहार सरकार ने सभी जिलों के संबंधित अफसरों को भी आदेश दे दिया है कि सभी लाभुकों की ई-केवाईसी 31 मार्च तक हर हाल में तय कर दें.
 

Bihar: बिहार के उन लोगों के लिए ये बड़ी खबर है, जिनका राशन कार्ड बना हुआ है और वो सरकारी अनाज से लाभान्वित भी होते हैं. ये खबर वैसे 8 करोड़ 20 लाख लोगों की है, जिनके नाम के साथ राशन कार्ड बने हुए हैं. सरकार ने इसको लेकर बहुत कुछ साफ कर दिया है. जानिए क्या दिक्कत आ रही है और सरकार ने क्या निर्देश दिए हैं.

राशनकार्ड वाले ध्यान दें

दरअसल बिहार में 8.20 करोड़ लोगों में से 18 फीसदी लोग ऐसे हैं जिनके नाम पर राशन कार्ड तो हैं लेकिन इनकी अभी तक E-KYC नहीं हुई है. इसके लिए सरकार ने कई बार डेडलाइन दी, तारीख बढ़ाई लेकिन फरवरी तक के आंकड़े दिखा रहे हैं कि अभी भी 18 फीसदी लोग बचे हुए हैं. ऐसे में इन डेढ़ करोड़ लोगों के सामने मुश्किल हो सकती है.

एक बार फिर दी गई डेडलाइन

अब सरकार ने एक दम स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में E-KYC सभी लाभुकों के लिए एकदम जरूरी है. इसके सरकार ने नई तारीख यानी डेडलाइन भी तय कर दी है जो 31 मार्च 2026 है. इससे पहले 15 फरवरी तक की तारीख तय की गई थी, फिर इसे बढ़ाकर 28 फरवरी तक ले जाया गया था. अब बिहार सरकार ने सभी जिलों के संबंधित अफसरों को भी आदेश दे दिया है कि सभी लाभुकों की ई-केवाईसी 31 मार्च तक हर हाल में तय कर दें.

E-KYC नहीं कराने पर क्या होगा?

अगर ऐसे 18 प्रतिशत लाभुक अपनी ई-केवाईसी नहीं कराते हैं तो सरकार इन्हें अनाज देना बंद कर देगी. ऐसे में जो सिर्फ सरकारी अनाज के भरोसे हैं, उनके लिए भारी मुश्किल होगी. आपको उन जिलों के बारे में भी बता देते हैं, जहां सबसे ज्यादा ई-केवाईसी पेंडिंग हैं.
  • वैशाली
  • सीवान सीतामढ़ी
  • औरंगाबाद
  • समस्तीपुर
  • पूर्वी चंपारण
  • दरभंगा
  • पश्चिम चंपारण
  • अररिया
राशनकार्ड की ई-केवाईसी न होने के पीछे सबसे ज्यादा बड़ी वजह जागरुकता की कमी को माना जा रहा है. वहीं जो लोग बिहार से बिहार कमाने जाते हैं, उनमें से ज्यादातर के परिवार की केवाईसी भी नहीं हो पाई है. ये भी एक तथ्य है कि बिहार में 57 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारियों को संदिग्धों की लिस्ट में डाला गया है. यानी सरकार को ये शक है कि ये मुफ्त अनाज के पात्र नहीं हैं, फिर भी सरकारी अनाज का फायदा ले रहे हैं. इसको लेकर सरकार की तरफ से ऐसे लोगों को नोटिस भी भेजा जा रहा है कि अपनी पात्रता साबित करें. अगर वो ऐसा नहीं कर पाए तो उनका नाम राशन कार्ड वाली लिस्ट से हटा दिया जाएगा. एक लिस्ट तैयार भी है जिसमें 33 लाख से ज्यादा नाम डल चुके हैं.

बिहार से बाहर भी करा सकते हैं ई-केवाईसी

बिहार सरकार ने एक फायदा दिया है कि कोई भी लाभुक अगर राज्य से बाहर है तो वो अभी भी केवाईसी करा सकते हैं. इसके लिए उन्हें बिहार आने की जरूरत भी नहीं है. वो अपने आसपास की जनवितरण प्रणाली वाले किसी भी कोटे (गोदाम,दुकान) से E-KYC करा सकते हैं. ऐसे में अगर आपने अपने राशन कार्ड को लेकर E-KYC नहीं कराया है तो 31 मार्च से पहले इसे जरूर करा लीजिए.