बिहार में अब स्मार्ट होगा मरीजों का रेफरल सिस्टम, एंबुलेंस से लेकर अस्पताल के बेड तक AI की होगी नजर

 

Bihar news: बिहार में मरीजों को समय पर सही अस्पताल और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग रेफरल व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की तैयारी में है। मरीज की हालत, एंबुलेंस की लोकेशन और अस्पताल में उपलब्ध बेड की जानकारी एक ही सिस्टम पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके साथ ही टेलीमेडिसिन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने की योजना है।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत की अध्यक्षता में बुधवार को राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में इन व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए।

102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को जोड़ने की तैयारी

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने Patient Referral System को सॉफ्टवेयर से इंटीग्रेट करने और 102 व 108 एंबुलेंस सेवाओं को एकीकृत करने का निर्देश दिया। इमरजेंसी में मरीज को रेफर किए जाने के दौरान एंबुलेंस में ही उसके Vital दर्ज किए जाएंगे। यह जानकारी डैशबोर्ड के जरिए कंट्रोल सेंटर तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

इससे मरीज की स्थिति के बारे में संबंधित अस्पताल को पहले से जानकारी मिल सकेगी और इलाज की तैयारी भी समय रहते की जा सकेगी।

अस्पताल में बेड खाली है या नहीं, रियल टाइम मिलेगी जानकारी

नई व्यवस्था के तहत Emergency Network के जरिए एंबुलेंस सेवाओं को अस्पतालों से जोड़ा जाएगा। अस्पतालों में उपलब्ध बेड की स्थिति की रियल टाइम जानकारी डैशबोर्ड पर उपलब्ध कराने की योजना है।

मरीज की मेडिकल स्थिति और संबंधित अस्पताल में बेड की उपलब्धता को देखते हुए उसके लिए उपयुक्त अस्पताल का चयन किया जा सकेगा। इससे रेफरल के दौरान मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकने की समस्या कम होने की उम्मीद है।

PMCH समेत चार बड़े अस्पतालों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

स्वास्थ्य विभाग इस व्यवस्था को पहले PMCH, AIIMS, NMCH और IGIMS में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करेगा। एंबुलेंस में मौजूद कियोस्क के माध्यम से सरकारी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता और मरीज की मौजूदा लोकेशन संबंधित अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में Command Control Centre बनाने और QR Code आधारित बेड मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने पर भी काम होगा। अस्पतालों में बेड की एंट्री रियल टाइम में करने के निर्देश दिए गए हैं।

मरीज के खान-पान की जानकारी भी होगी सिस्टम का हिस्सा

स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए मरीजों के खान-पान से जुड़ी जानकारी को भी Vital में शामिल करने का निर्देश दिया गया है। यह जानकारी ANM, आशा कार्यकर्ताओं और जीविका दीदियों के माध्यम से जुटाई जाएगी।

इसके साथ ही आयुष चिकित्सकों से प्रभावी दवाओं से संबंधित जानकारी एकत्र करने की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।

104 सेवा को ई-संजीवनी से जोड़ने की संभावना

बैठक में 104 हेल्पलाइन सेवा को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने 104 कॉल सेंटर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और आने वाली कॉल के फॉलो-अप की व्यवस्था बेहतर करने का निर्देश दिया।

साथ ही 104 सेवा को ई-संजीवनी से इंटीग्रेट करने की संभावनाओं का अध्ययन करने को कहा गया है। इससे लोगों को दूर बैठे चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।

AI से लिए जाएंगे बेहतर स्वास्थ्य संबंधी फैसले

स्वास्थ्य विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए मरीजों से जुड़े डेटा का बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। बैठक में AI के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि Patient Referral System, Smart Ambulance, Telemedicine और AI आधारित तकनीक को आपस में जोड़कर ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए, जिससे मरीज को उसकी स्थिति के अनुसार समय पर सही अस्पताल और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा मिल सके।

बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, BMSICL के एमडी सुब्रत सेन, IGIMS की टीम सहित स्वास्थ्य विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।