पुनपुन नदी का बढ़ता जलस्तर बना मुसीबत, पटना के कई गांवों में 8 फीट तक पहुंचा पानी
Bihar Flood News: राजधानी पटना के ग्रामीण इलाकों में पुनपुन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गंभीर होता जा रहा है। नदी के आसपास बसे कई गांवों में पानी तेजी से फैल रहा है। धनुकी, महुआ बाग और सालारपुर समेत कई इलाकों में जलस्तर 7 से 8 फीट तक बढ़ने की बात सामने आ रही है। पानी बढ़ने के साथ ग्रामीणों के सामने घर, राशन और मवेशियों को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
धनुकी की महादलित बस्ती पानी से घिरी
धनुकी गांव की महादलित बस्ती में करीब 50 घर बाढ़ के पानी से घिरे बताए जा रहे हैं। बस्ती के बाहर चारों ओर पानी फैलने के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हो गई है। जरूरी सामान और खाद्य सामग्री लाने के लिए ग्रामीणों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी जिस तेजी से ऊपर उठ रहा है, उसे देखते हुए आने वाले समय में स्थिति और बिगड़ सकती है। कई जगहों पर पानी बांध के करीब पहुंच चुका है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बांध के ऊपर पानी चढ़ने की आशंका
पुनपुन के बढ़ते जलस्तर के बीच सबसे बड़ा डर बांध को लेकर है। ग्रामीणों के मुताबिक कई स्थानों पर पानी बांध के ऊपरी हिस्से तक पहुंचने लगा है। यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो पानी बांध के ऊपर से फैलकर आसपास के निचले इलाकों में प्रवेश कर सकता है।
ऐसी स्थिति में नदी किनारे बसे कई गांवों के लिए सुरक्षित निकासी बड़ी चुनौती बन सकती है। ग्रामीण अभी से प्रशासन से बचाव और राहत की व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
राशन से ज्यादा पशुओं के चारे की चिंता
बाढ़ ने गांवों की सामान्य जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। पीने का पानी, राशन और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाना मुश्किल हो रहा है। लेकिन पशुपालकों के सामने इससे भी बड़ी समस्या मवेशियों को सुरक्षित रखने और उनके लिए चारे की व्यवस्था करने की है।
कई स्थानों पर पशुओं के खटाल पानी में डूब गए हैं। ऐसे में पशुपालक अपने मवेशियों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। चारा भी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी और बढ़ा तो इंसानों के साथ पशुओं को सुरक्षित रखना भी मुश्किल हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
लगातार बढ़ते पानी के बीच स्थानीय लोगों ने प्रशासन से समय रहते राहत व्यवस्था शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित इलाकों में पर्याप्त राशन, पीने का पानी और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जाए। साथ ही सुरक्षित स्थानों की पहचान कर जरूरत पड़ने पर लोगों को वहां शिफ्ट करने की व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।
पशुपालकों ने मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
हर घंटे बढ़ता पानी बढ़ा रहा चिंता
पुनपुन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने नदी किनारे बसे गांवों में चिंता और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले परिवार किसी बड़ी स्थिति से पहले सुरक्षित निकलने को लेकर परेशान हैं।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर पुनपुन नदी के जलस्तर पर टिकी हुई है। पानी में होने वाली हर बढ़ोतरी उनके लिए नई चिंता लेकर आ रही है। वहीं, बांध के आसपास बढ़ता दबाव प्रशासन के सामने भी चुनौती बढ़ा रहा है।