फोटो से आगे नहीं बढ़ी संवेदना! मोतिहारी वृद्धाश्रम में भूख के सहारे कट रही बुजुर्गों की जिंदगी

 
Motihari News: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी स्थित बरियारपुर वृद्धाश्रम की तस्वीर अब बेहद चिंताजनक हो गई है। जिस आश्रम में कभी अधिकारी पहुंचकर बुजुर्गों के साथ भोजन करते थे और व्यवस्थाओं की तारीफ होती थी, वहीं आज बुजुर्ग भुखमरी जैसी स्थिति में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। हालत यह है कि पिछले करीब दो महीनों से आश्रम में सरकारी स्तर पर भोजन की व्यवस्था पूरी तरह बंद पड़ी है।

करीब दो वर्ष पहले नगर निगम की पहल पर शुरू किए गए इस वृद्धाश्रम को बुजुर्गों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक ठिकाना बताया गया था। यहां रहने, भोजन, दवा, आरओ पानी और वॉशिंग मशीन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। लेकिन अब वही आश्रम समाजसेवियों और स्थानीय लोगों के चंदे के भरोसे किसी तरह चल रहा है।

आश्रम में रह रहे बुजुर्गों का कहना है कि पहले समय पर भोजन और अन्य सुविधाएं मिलती थीं, लेकिन अब स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। कई बार उन्हें भोजन के लिए इंतजार करना पड़ता है और मदद नहीं मिलने पर भूखे पेट रात गुजारनी पड़ती है।

इस मामले पर नगर निगम के उपमेयर लालबाबू प्रसाद गुप्ता ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा बेतिया में नया वृद्धाश्रम शुरू किए जाने के बाद मोतिहारी की व्यवस्था बंद कर दी गई है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि यहां रह रहे अधिकांश बुजुर्ग बेतिया जाने के लिए तैयार नहीं हैं।

वहीं सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि एक तरफ सरकार बुजुर्गों के सम्मान और कल्याण की बातें करती है, वहीं दूसरी ओर एक वृद्धाश्रम की व्यवस्था तक संभाल पाने में नाकाम साबित हो रही है।

स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने पहल नहीं की, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं। फिलहाल आश्रम में रह रहे बुजुर्ग प्रशासन की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं।