किसानों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष से मिला संयुक्त किसान मोर्चा, सौंपा मांग पत्र

 

Patna: किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों नेताओं को किसानों की मांगों का चार्टर सौंपते हुए केंद्र और राज्य सरकार से इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की। मोर्चा के मुताबिक, दोनों नेताओं ने मांगों पर उचित और समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया।

MSP की कानूनी गारंटी समेत कई मांगें

संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी राष्ट्रीय मांगों में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने और किसानों को कर्ज से राहत दिलाने की मांग प्रमुखता से रखी। किसान आत्महत्या के मामलों में मुआवजा, जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन कानून-2013 को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

मोर्चा ने जनविरोधी बताए जा रहे मुक्त व्यापार समझौतों को अस्वीकार करने, मनरेगा को बहाल करने और चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग भी उठाई। इसके अलावा राज्यों की विभाज्य कर-कोष में हिस्सेदारी को 31 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग रखी गई।

बिहार के किसानों के स्थानीय मुद्दे भी उठाए

प्रतिनिधिमंडल ने बिहार से जुड़े कृषि और भूमि संबंधी मुद्दों को भी नेताओं के सामने रखा। इसमें एपीएमसी मंडियों की बहाली, बटाईदार और काश्तकार किसानों का पंजीकरण तथा उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ देने की मांग शामिल है।

इसके अलावा सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार और फसल बीमा योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने पर भी जोर दिया गया।

सैटेलाइट टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण का मुद्दा

किसान संगठनों ने सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के तहत जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग की। इसके साथ ही दियारा क्षेत्र की जमीन को ‘टोपोलैंड’ यानी असर्वेक्षित भूमि घोषित कर बिना मुआवजे के अधिग्रहण किए जाने का विरोध किया गया।

मोर्चा का कहना है कि नदी क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों के भूमि अधिकार और आजीविका से जुड़े सवालों पर सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।

26 नवंबर से बड़े आंदोलन की चेतावनी

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से किसानों की मांगों की लगातार अनदेखी जारी रहती है तो देशभर के किसान 26 नवंबर 2026 से व्यापक और निरंतर आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

प्रतिनिधिमंडल में विधायक अजय कुमार, बिहार राज्य किसान सभा के महासचिव विनोद कुमार, पूर्व विधायक रामबली सिंह, राम चंद्र महतो, अशोक बैठा, इंद्रदेव राय और जय किसान आंदोलन के महासचिव ऋषि आनंद समेत कई किसान नेता शामिल रहे।