पितृपक्ष में बदलेगा गयाजी का नजारा, फल्गु में फव्वारे और लेजर शो से दिखेगी धार्मिक विरासत; सफाई-पेयजल पर भी खास तैयारी

 

Gayaji: पितृपक्ष मेला शुरू होने से पहले गया नगर निगम ने तीर्थयात्रियों की सुविधा और शहर की व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को नगर निगम सभागार में मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में हुई निगम बोर्ड की बैठक में मेला क्षेत्र की सफाई, पेयजल, रोशनी, सड़क और नाली समेत कई व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। सदन में कई प्रस्तावों को लेकर सहमति भी बनी।

बैठक में इस बार पितृपक्ष के दौरान गयाजी को अलग अंदाज में पेश करने की योजना सामने आई। तीर्थयात्रियों को शहर की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने के लिए लेजर लाइट शो और फल्गु नदी में फव्वारे लगाने की तैयारी है। इसके जरिए गयाजी के महत्व और इसकी धार्मिक पहचान को आकर्षक तरीके से दिखाया जाएगा।

सफाई व्यवस्था पर रहेगा खास फोकस

मेयर वीरेंद्र कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेला गयाजी की पहचान से जुड़ा है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ऐसे में नगर निगम की प्राथमिकता है कि उन्हें बेहतर और साफ-सुथरा वातावरण मिले।

मेला क्षेत्र में कचरे की वजह से दुर्गंध न फैले, इसके लिए कचरे पर इत्र का छिड़काव करने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं कचरे की ढुलाई पूरी तरह ढककर की जाएगी, ताकि रास्ते में गंदगी और दुर्गंध की समस्या न हो।

श्रद्धालुओं के लिए मिलेगा शीतल पेयजल

पितृपक्ष के दौरान उमस और गर्मी को देखते हुए मेला क्षेत्र में प्याऊ लगाए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था रहेगी। निगम का फोकस इस बात पर है कि पिंडदान और तर्पण के लिए आने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।

खुले में मांस-मछली की बिक्री पर सख्ती

बैठक में नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने खुले में मांस-मछली की बिक्री से जुड़ा प्रस्ताव रखा। इस पर पार्षदों ने खुले में बिक्री को अनुचित बताते हुए दुकानों पर पर्दे की व्यवस्था अनिवार्य करने की बात कही।

सदस्यों ने अवैध रूप से चल रही दुकानों पर भी कार्रवाई की जरूरत बताई। उनका कहना था कि इससे शहर की साफ-सफाई के साथ गयाजी की धार्मिक पहचान भी बेहतर तरीके से बनी रहेगी।

ऑटो स्टैंड की वसूली बंद करने के प्रस्ताव पर हंगामा

पितृपक्ष के दौरान करीब 15 दिनों तक ऑटो स्टैंड से वसूली रोकने के प्रस्ताव पर निगम के सदस्यों ने आपत्ति जताई। पार्षदों का कहना था कि ऑटो स्टैंड नगर निगम की आय का अहम स्रोत है। ऐसे में लंबे समय तक वसूली बंद रहने से निगम के राजस्व पर सीधा असर पड़ेगा।

सदस्यों ने सुझाव दिया कि यदि जिला प्रशासन बस पड़ाव से होने वाली वसूली रोकता है, तभी नगर निगम के ऑटो स्टैंड की वसूली को लेकर कोई फैसला किया जाए। बैठक में निगम के राजस्व हितों को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

स्वच्छता पदाधिकारी की वित्तीय शक्तियां समाप्त

बैठक के दौरान स्वच्छता पदाधिकारी शुभम कुमार के कामकाज को लेकर भी सदस्यों ने सवाल उठाए। कुछ सदस्यों ने उनके स्तर से कई कार्यों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया।

इस पर नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने सदन को बताया कि सशक्त स्थायी समिति की बैठक में जानकारी देने के बाद स्वच्छता पदाधिकारी की वित्तीय शक्तियां समाप्त कर दी गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही उनके खिलाफ परिपत्र क गठित किया जाएगा।

बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार, सशक्त स्थायी समिति सदस्य अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, दीपक कुमार चंद्रवंशी, डिम्पल कुमार, राजेश कुमार यादव उर्फ लाल बाबू, हसनैन अली, अंजली कुमारी, जयप्रकाश सिंह यादव समेत कई पार्षद और निगम पदाधिकारी मौजूद रहे।