कटिहार में गंगा का बढ़ा जलस्तर, रेलवे ट्रैक के नीचे से पानी का रिसाव; सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में डर

 

Bihar news: बिहार के कटिहार जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का असर अब रेलवे ट्रैक की सुरक्षा पर भी दिखाई देने लगा है। कटिहार-मनीहारी-तेजनारायणपुर रेलखंड में सिग्नल टोला के समीप रेलवे पटरी के नीचे से पानी रिसने की सूचना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। ट्रैक के नीचे लगातार पानी पहुंचने से स्थानीय लोग किसी अनहोनी की आशंका जता रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का रिसाव इसी तरह जारी रहा तो पटरी के नीचे की मिट्टी कमजोर हो सकती है। ऐसी स्थिति में ट्रेन के गुजरने के दौरान ट्रैक के धंसने का खतरा पैदा हो सकता है। इसी आशंका को लेकर लोगों ने रेलवे प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा रेलवे अमला

पानी के रिसाव की जानकारी मिलने के बाद रेल प्रशासन ने तत्काल मौके पर कर्मचारियों को भेजा। ट्रैक को सुरक्षित रखने के लिए रेलवे की ओर से बचाव कार्य शुरू कराया गया है। पानी के दबाव को कम करने और उसके बहाव को रोकने के लिए पटरी के किनारे बालू और मिट्टी से भरी बोरियां लगाई जा रही हैं।

रेल कर्मी लगातार मौके पर निगरानी बनाए हुए हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि बचाव कार्य के बावजूद रेलवे ट्रैक के नीचे से पानी का रिसाव पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की उठाई मांग

स्थानीय निवासी विजय महतो, वार्ड कमिश्नर बेचैन सिंह और विजय सिंह के मुताबिक ट्रैक के नीचे से लगातार पानी निकल रहा है। उनका कहना है कि रेलवे कर्मी छोटी-छोटी बोरियों में मिट्टी भरकर पानी रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक मनिहारी स्टेशन से इस रेलखंड पर मेल ट्रेन का परिचालन होता है। ऐसे में ट्रैक की मौजूदा स्थिति को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी तौर पर बोरियां लगाना पर्याप्त नहीं होगा। रेलवे को ट्रैक की मजबूती की जांच कराकर स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए।

गंगा के बढ़ते पानी ने बढ़ाई परेशानी

गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण नदी के आसपास रहने वाले लोगों की मुश्किलें पहले से ही बढ़ी हुई हैं। अब पानी का असर रेलवे ट्रैक तक पहुंचने से स्थिति और संवेदनशील हो गई है।

लगातार पानी का दबाव बना रहने पर ट्रैक के नीचे की मिट्टी और उसकी संरचना प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि फिलहाल रेल परिचालन को लेकर प्रशासन की ओर से किसी बड़े बदलाव की जानकारी सामने नहीं आई है।

ट्रैक की सुरक्षा पर रेल प्रशासन की नजर

फिलहाल रेलवे कर्मचारी मौके पर डटे हुए हैं और पानी के रिसाव को नियंत्रित करने के साथ ट्रैक को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं। बढ़ते जलस्तर के बीच रेलवे के लिए सबसे बड़ी चुनौती पटरी की स्थिरता बनाए रखना है।

अब निगाह इस बात पर है कि पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए रेल प्रशासन आगे क्या अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करता है और ट्रैक के नीचे हो रहे रिसाव को पूरी तरह रोकने के लिए किस तरह की स्थायी व्यवस्था अपनाई जाती है।