चिड़ियाघर में अगले साल से चलेगी एसी कोच वाली टॉय ट्रेन, 9.88 करोड़ से बन रहा 3.77 किमी नया ट्रैक
पटना जू आने वाले पर्यटकों को जल्द ही एक बार फिर टॉय ट्रेन की सवारी का रोमांच मिलेगा। करीब 11 साल के लंबे इंतजार के बाद टॉय ट्रेन पूरी तरह नए कलेवर और आधुनिक सुविधाओं के साथ पटरियों पर लौटने जा रही है। इस बार ट्रेन में पहली बार एक वातानुकूलित (एसी) कोच की सुविधा भी मिलेगी।
परियोजना के तहत 9.88 करोड़ की लागत से 3.77 किलोमीटर लंबा नया ट्रैक तैयार किया जा रहा है। निर्माण पूरा होने और तकनीकी-सुरक्षा ट्रायल सफल रहने के बाद अगले वर्ष से इसका नियमित परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। दानापुर रेल मंडल और चिड़ियाघर प्रशासन के बीच हुए एमओयू के तहत पुराने ट्रैक को हटाकर नया बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। इंजन और कोच निर्माण का कार्य भी अंतिम चरण में है। योजना के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे से शाम तक ट्रेन का परिचालन होगा।
टॉय ट्रेन का नया रूट पहले से अधिक रोमांचक तैयार किया जा रहा है। 40 मिनट के इस सफर में पर्यटकों को जू की हरियाली, वन्यजीव बाड़ों और प्राकृतिक छटा को करीब से देखने का मौका मिलेगा।
पटना जू में पुरानी टॉय ट्रेन का परिचालन तकनीकी खामियों और ट्रैक-कोच से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के कारण 17 अगस्त 2015 को बंद कर दिया गया था। अब रेलवे के तकनीकी मानकों के अनुरूप नए सिरे से मजबूत ट्रैक और सुरक्षित कोच तैयार किए जा रहे हैं।
ट्रेन में इंजन के साथ चार बोगियां होंगी। प्रत्येक कोच में 20 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। यानी एक फेरे में 80 पर्यटक भ्रमण कर सकेंगे। सफर को आरामदायक बनाने के लिए एक कोच एसी रहेगा, जबकि तीन कोच नॉन-एसी होंगे। बैटरी बैकअप और तकनीकी संतुलन को देखते हुए फिलहाल सभी कोच एसी नहीं किए गए हैं।