बेतिया जीएमसीएच में प्रशिक्षु डॉक्टरों का हल्ला-बोल, ओपीडी सेवा ठप – वेतन वृद्धि की मांग तेज
बेतिया: मंगलवार को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच), बेतिया में मरीजों को अचानक भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा, जब प्रशिक्षु चिकित्सकों ने अपनी मानदेय वृद्धि की मांग को लेकर ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद कर दीं। ओपीडी गेट पर ही युवा डॉक्टर धरने पर बैठ गए और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
धरने पर बैठे प्रशिक्षु चिकित्सक इंसा रहमान ने कहा,
“हमारी स्थिति आज दैनिक मजदूर से भी बदतर है। सिर्फ 20 हजार रुपये मासिक मानदेय पर हम पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था संभालते हैं। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक हर जगह हमारी अहम जिम्मेदारी है, लेकिन सरकार हमारी आवाज नहीं सुन रही।”
2020 बैच के डॉक्टर श्री नारायण शर्मा ने जानकारी दी कि कई बार वेतन वृद्धि की मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने साफ कहा कि अगर मानदेय 40 हजार रुपये नहीं किया गया तो 26 अगस्त से पूरे बिहार में प्रशिक्षु चिकित्सक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
धरने में इंसा रहमान, अश्वन कुमार, नारायण शर्मा, आर्यन राज, अंजनी कुमार, मनीष कुमार, अनमोल आनंद, गौरव पाठक और आलोक चंद्रा सहित कई प्रशिक्षु चिकित्सक शामिल रहे। सभी ने एकजुट होकर चेतावनी दी, “जब तक न्यायसंगत वेतन वृद्धि नहीं होती, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।”
इस अचानक बंदी से अस्पताल आए मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। कई मरीज तो गुस्से में यह कहते दिखे कि सरकार और प्रशासन की चुप्पी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।