PG छात्रों के मानदेय में बढ़ोतरी पर उमेश कुशवाहा ने की NDA सरकार की तारीफ, निशांत को लेकर कही बड़ी बात
Newshaat Desk: बिहार में सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पीजी छात्रों के मानदेय में बढ़ोतरी के निर्णय का बिहार जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उमेश कुशवाहा ने कहा कि मानदेय बढ़ने से पीजी छात्रों को प्रशिक्षण और सेवाकाल के दौरान बेहतर आर्थिक सहयोग मिलेगा। इससे चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
पीजी छात्रों के मानदेय में कितना हुआ इजाफा?
स्वास्थ्य विभाग के फैसले के मुताबिक 1 जनवरी 2026 से पीजी प्रथम वर्ष के छात्रों का मानदेय 82 हजार रुपये से बढ़ाकर 92,800 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
वहीं, द्वितीय वर्ष के छात्रों का मानदेय 90,200 रुपये से बढ़कर 1.02 लाख रुपये और तृतीय वर्ष के छात्रों का मानदेय 99,220 रुपये से बढ़कर 1.12 लाख रुपये प्रतिमाह हो गया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह फैसला चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
डॉक्टरों और मेडिकल शिक्षकों के मानदेय में भी हुई बढ़ोतरी
उमेश कुशवाहा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत की ओर से हाल के दिनों में सरकारी चिकित्सकों और चिकित्सा शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा भी की गई थी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों और चिकित्सकों को बेहतर प्रोत्साहन मिलने से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने पीजी छात्रों के मानदेय में बढ़ोतरी के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत के प्रति आभार जताते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण बनाने के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों के हितों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
‘कम समय में 14 करोड़ बिहारवासियों के दिल में बनाई खास जगह’
उमेश कुशवाहा ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत की कार्यशैली की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के रूप में निशांत ने कम समय में ही 14 करोड़ बिहारवासियों के बीच अपनी खास जगह बनाई है।
उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं को लेकर निशांत की संवेदनशीलता और स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा जनोन्मुखी बनाने की दिशा में उनकी सक्रियता की अलग-अलग स्तरों पर सराहना हो रही है।
उमेश कुशवाहा के मुताबिक, स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार लिए जा रहे ऐसे फैसले न केवल मेडिकल छात्रों और चिकित्सकों को प्रोत्साहित करेंगे, बल्कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी लंबे समय में और मजबूत बनाने में मददगार साबित होंगे।