केंद्रीय बजट 2026–27 विकसित भारत की नींव मजबूत करने वाला: मंत्री अरुण शंकर प्रसाद

 

Bihar news: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और आम जनता, उद्योग तथा रोजगार—तीनों को साथ लेकर चलता है।

मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच यह बजट संतुलित और राहत देने वाला है। बजट में कई जरूरी वस्तुओं को सस्ता किया गया है, जिससे आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। खास तौर पर कैंसर की 17 दवाओं, लेदर और कपड़ा सेक्टर, सोलर एनर्जी उपकरण, ईवी बैटरी, माइक्रोवेव और एयरक्राफ्ट निर्माण से जुड़ी वस्तुओं के सस्ता होने से जनता के साथ-साथ उद्योग जगत को भी लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि लेदर और टेक्सटाइल सेक्टर को राहत देने से निर्यात बढ़ेगा और बड़ी संख्या में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे घरेलू उद्योग मजबूत होंगे और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की पकड़ और सशक्त होगी।

मंत्री ने करदाताओं को दी गई राहत की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की आसान व्यवस्था, टीसीएस दरों में कटौती और छोटे करदाताओं के लिए ऑटोमेटेड प्रक्रिया टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाएगी। वहीं मोटर दुर्घटना मुआवजे को टैक्स फ्री करने का फैसला मानवीय और स्वागत योग्य है।

उन्होंने बताया कि जहां एक ओर आम जरूरत की चीजों और दवाओं को सस्ता किया गया है, वहीं राजस्व संतुलन बनाए रखने के लिए मिनरल्स, स्क्रैप और शराब जैसी वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाया गया है।

मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि यह बजट समावेशी, रोजगारमुखी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है। बजट में पूर्वोत्तर राज्यों से लेकर दक्षिण भारत और जम्मू-कश्मीर तक सभी क्षेत्रों के विकास का ध्यान रखा गया है।

उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च, MSME के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड, टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना और भारत को मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने की योजना देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी।

अंत में मंत्री ने कहा कि यह बजट सबको साथ लेकर चलने वाला है और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही इसका मुख्य उद्देश्य है।