UGC इक्विटी एक्ट पर बिहार विधानसभा में बवाल, ‘ब्राह्मणवाद’ शब्द से गरमाया सदन; स्पीकर ने कार्यवाही से हटाया बयान
दरअसल, उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव के मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाते हुए संदीप सौरभ ने राज्य सरकार से UGC इक्विटी एक्ट लागू करने की मांग की। उनका कहना था कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जातिवाद खत्म करने के लिए यह कानून जरूरी है। इसी दौरान उन्होंने टिप्पणी की कि “ब्राह्मणवाद मानसिकता के लोग इसे लागू नहीं होने देना चाहते।”
इस बयान के बाद सदन का माहौल अचानक गरमा गया। स्पीकर ने आपत्तिजनक शब्द हटाने का आदेश दिया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने इसे अभिव्यक्ति की रोक बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा से मानसिकता झलकती है। उन्होंने अपने छात्र जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी टेक्निकल कॉलेज में पढ़ने गए थे और भूमिहार ब्राह्मण होने के बावजूद रैगिंग का शिकार हुए। “हमें हर समाज का सम्मान करना चाहिए। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं,” उन्होंने कहा।
सदन में आरोप-प्रत्यारोप के बीच बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की भावना और सामाजिक न्याय के मुद्दे भी उठे। तीखी बहस और नारेबाजी के बीच कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित भी हुई।
UGC इक्विटी एक्ट को लेकर छिड़ी यह बहस साफ संकेत दे गई कि उच्च शिक्षा में समानता और सामाजिक न्याय का मुद्दा आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ा सकता है।