वैशाली को मिली ‘बुद्ध धरोहर’ की भव्य सौगात: ₹550 करोड़ के ड्रीम प्रोजेक्ट का CM नीतीश ने किया लोकार्पण
आधुनिकता और परंपरा का संगम
करीब ₹550 करोड़ की लागत से तैयार यह भव्य संग्रहालय आधुनिक तकनीक और प्राचीन बौद्ध वास्तुकला का अनूठा मिश्रण है। यह परियोजना न सिर्फ बिहार की समृद्ध बौद्ध विरासत को संजोएगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर वैशाली को एक नई पहचान भी दिलाएगी।
पवित्र अस्थिकलश का किया दर्शन
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने संग्रहालय में सुरक्षित भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थिकलश (Relic Stupa) का दर्शन कर आशीर्वाद लिया और विभिन्न दीर्घाओं का भ्रमण कर बौद्ध इतिहास से जुड़ी दुर्लभ कलाकृतियों को देखा।
रैलिक स्तूप तक भव्य गेट का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने संग्रहालय को मुख्य रैलिक स्तूप से जोड़ने वाले भव्य प्रवेश द्वार का भी उद्घाटन किया, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही और सुगम होगी।
ड्रीम प्रोजेक्ट पर खास फोकस
वैशाली महोत्सव के तुरंत बाद हुआ यह दौरा मुख्यमंत्री की इस परियोजना के प्रति विशेष प्राथमिकता को दर्शाता है। हालांकि संग्रहालय का आंशिक उद्घाटन पहले हो चुका था, लेकिन आज इसे पूर्ण रूप से जनता को समर्पित किया गया।
सियासी चर्चा भी तेज
सियासी गलियारों में यह भी चर्चा है कि मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का यह वैशाली का आखिरी आधिकारिक दौरा हो सकता है। ऐसे में अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा कर उन्होंने राज्य की ऐतिहासिक विरासत को सहेजने की बड़ी पहल की है।