गया की सड़कों पर चलती नहीं रेंगती है गाड़ियां, जाम की समस्या इस कदर कि बच्चों की छूट जाती है परीक्षाएं..क्या है समाधान?

Gaya: "गया का सड़क जाम ऐसा है, कि छात्रों की परीक्षाएं छूट जाती हैं. मरीजों की परेशानियां बढ़ जाती है. इससे हमें निजात चाहिए. पिछले कई दशकों से यह समस्या बनी हुई है, जो आज तक दूर नहीं हुई है और अभी कोई इसका हल भी निकलता नहीं दिख रहा है."
 

Gaya: ट्रैफिक जाम आज आम जनता के लिए बड़ी समस्या है. आधुनिक शहर के तौर पर विकसित बिहार के गया शहर में भी आबादी के बढ़ने के साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ती जा रही है. कहीं भी जाइए घंटों जाम में गाड़ियां फंसी रहती हैं. कैसे मिलेगा गया को ट्रैफिक जाम से छुटकारा? जानें जाम की समस्या की बड़ी वजह.

गया सिक्स लेन पुल पर मार्केट: गयाजी के सिक्स लेन पुल पर एक तरह से मार्केट बस गया है. सुबह से ही इस सिक्स लेन पुल पर कई तरह की दुकानें सजती हैं. गया और मानपुर को जोड़ने वाले सिक्स लेन पुल पर जूता, बेल्ट, चप्पल की दुकान, चाय की दुकान, सब्जी की दुकान समेत अन्य सामानों की दुकानें लगती है. संध्या होते-होते यह मंडी में तब्दील हो जाती है.

इन सड़कों पर जाम ही जाम: काफी संख्या में सिक्स लेन पुल पर अब खरीदारी करने वाले लोग भी आने लगे हैं. इस तरह से यह शहर का बाजार के रूप में होता जा रहा है. यहां गया शहर के ही नहीं बल्कि मानपुर क्षेत्र से भी लोग आते हैं. सिक्स लेन पुल फल्गु नदी पर बना है. फिलहाल गया शहर में केपी रोड, जीबी रोड, स्वराज पुरी रोड, घुघड़ी ताड़ बायपास रोड, टावर चौक रोड समेत शहर के मुख्य मार्ग में जाम आम बात हो गई है. वहीं अतिक्रमण का नजारा भी सरेआम है.

9 बार विधायक बने प्रेम कुमार से नाराजगी: सड़क जाम की समस्या से लोग इस कदर उबे हुए हैं, कि इस मुद्दे को सामने लाते ही उन्हें उबाल आ जाता है. गया शहर के रामचंद्र प्रसाद कहते हैं, कि नौ बार प्रेम कुमार विधायक बने. गया शहर से इस बार भी लगातार नौवीं बार जीते. पहले विधायक बने, फिर मंत्री बने और अब स्पीकर बन गए, लेकिन उन्होंने शहर की सूरत नहीं बदली.

"उन्होंने (प्रेम कुमार) कोई प्रयास नहीं किया, जिससे इस समस्या से शहरवासियों को मुक्ति मिले. जाम की समस्या हर किसी को परेशान करती है. चाहे वह आम लोग हो, मरीज हो, स्कूली बच्चे हो या और कोई, हर कोई इससे परेशान है. जाम के कारण किसी की ट्रेन छूट जाती है. किसी की परीक्षा छूट जाती है, किसी की स्कूल छूट जाती है. कोई बच्चा दो-दो घंटे घर लेट से पहुंचता है, क्योंकि जाम में उसकी बस फंसी रहती है."रामचंद्र प्रसाद, गया शहर के निवासी

'चालाक लोगों की चलती होती रहेगी': रामचंद्र प्रसाद आगे बताते हैं, कि अब हमें आशा भी नहीं है, कि कोई बदलाव होगा. इस बीच में कादर खान का एक फिल्मी डायलॉग भी बताते हैं. डायलॉग सुनाते हुए कहते हैं, कि एक फिल्म में उनका डायलॉग था, कि जब तक बेवकूफ लोग रहेंगे.तब तक चालाक लोगों की चलती होती रहेगी और यही हाल गया शहर की जनता के साथ है. गया शहर की जनता वोट देकर उन्हें (प्रेम कुमार) जीता देती है, लेकिन उन्हें जनता की समस्याओं से कोई वास्ता नहीं है.

परीक्षाएं छूट जाती है: वहीं, मोहम्मद अमजद बताते हैं, कि गया शहरी क्षेत्र में जाम की समस्या काफी है. 2-2 घंटे तक जाम में फंसने की नौबत भी आ जाती है. सड़क जाम होता है, तो कोई देखने वाला नहीं होता है. वीआईपी लोगों की गाड़ी किसी तरह से निकल जाती है, लेकिन आम लोगों की गाड़ी या पैदल चलना तक दूभर हो जाता है.

"गया का सड़क जाम ऐसा है, कि छात्रों की परीक्षाएं छूट जाती हैं. मरीजों की परेशानियां बढ़ जाती है. इससे हमें निजात चाहिए. पिछले कई दशकों से यह समस्या बनी हुई है, जो आज तक दूर नहीं हुई है और अभी कोई इसका हल भी निकलता नहीं दिख रहा है."- मोहम्मद अमजद, स्थानीय निवासी

नासूर बन गया है अतिक्रमण और सड़क जाम: वहीं, गया शहर के रहने वाले रमेश कुमार बताते हैं, कि इस मुद्दे पर बात करना ही बेकार है. यहां नौ बार डॉक्टर प्रेम कुमार चुनाव जीतकर विधायक बने हैं, लेकिन उनके द्वारा क्या किया गया, यह देखने वाली बात है. यहां मूल समस्याएं बरकरार हैं. न तो बेरोजगारी दूर हुई, न ही शहर को सड़क जाम और अतिक्रमण से निजात मिला. गया शहर को इनसे इस बार काफी अपेक्षा थी. वह स्पीकर बने, लेकिन स्पीकर बनने के बाद भी ऐसा कुछ नहीं किया गया, जिससे कि गया जी को सड़क जाम और अधिग्रहण से मुक्ति मिल सके.

"आज भी गया शहर के मुख्य मार्ग में देख सकते हैं, कि किस तरह से अतिक्रमण किया जा रहा है. सड़क पर ही दुकानें लग जा रही है. रोड छोटे हो गए हैं, अतिक्रमण वाली दुकान बड़ी हो गई है. डॉक्टर प्रेम कुमार से हम लोगों को अब कोई अपेक्षा नहीं है, कि वह शहरवासियों की समस्याओं को दूर कर सकेंगे."रमेश कुमार, स्थानीय निवासी

"यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है. टोटो के कारण यह समस्या और भी बढ़ गई है. हम लोग इस आशा में है, कि बदलाव होगा, सुधार होगा. अभी तक तो ऐसा ठोस सुधार नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे होने की पूरी संभावना है. अतिक्रमण और सड़क जाम की समस्या गया जी में जरूर है, पर हम लोगों को आशा है, कि इसे दूर कर लिया जाएगा."अमित कुमार, स्थानीय निवासी

वादा रह गया वादा: बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान डॉक्टर प्रेम कुमार ने शहरवासियों से वादा किया था, कि हर प्रकार का विकास का कार्य किया जाएगा. शहर को जाम से पूरी तरह से मुक्ति दिलाई जाएगी. वहीं अतिक्रमण की समस्या को भी दूर किया जाएगा. चुनाव जीतकर डॉक्टर प्रेम कुमार 9 वीं बार विधायक बने, फिर विधानसभा अध्यक्ष भी बने. शुरुआती कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक करने की कोशिश की गई, लेकिन फिर ठंडे बस्ते में चला गया.

"अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी हमारी है, लेकिन यदि अतिक्रमण हटाने के बाद कोई फिर से वहां अतिक्रमण करता है, तो उसे रोकने की जिम्मेदारी पुलिस को है. हालांकि हम लोग फिर से एक बार इसे लेकर मंथन करेंगे और अतिक्रमण एवं सड़क जाम को दूर करने को लेकर ठोस काम करेंगे."- अभिषेक पलासिया, नगर निगम आयुक्त, गया जी

क्या है ट्रैफिक जाम का कारण?: इस संबंध में प्रसिद्ध समाजसेवी लालजी प्रसाद बताते हैं, कि जाम लगने के कई कारण हैं. इन कारणों में सड़क जाम को लेकर ठोस उपाय न करना, आबादी बढ़ना, वाहनों की बढ़ती संख्या, बैंकों के द्वारा टोटो और ऑटो का आसानी से फाइनेंस करना जिससे कि इसकी संख्या बढ़ी, अवैध पार्किंग किया जाना शामिल है. इसके साथ ही सड़कों का अतिक्रमण, टूटी हुई सड़कें, खराब ड्राइविंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी भी जाम का कारण है.

"प्राइवेट बस जहां-तहां खड़ा होना, ऑटो-टोटो का रूट सही नहीं होना, फुटपाथी दुकानदारों के लिए झारखंड के रांची की तरह मॉल का न बनना, फ्लाई ओवर का अभाव होना, यह सब ऐसे तथ्य हैं, जिससे गया शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति है."- लालजी प्रसाद,प्रसिद्ध समाजसेवी

वादा रह गया वादा: बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान डॉक्टर प्रेम कुमार ने शहरवासियों से वादा किया था, कि हर प्रकार का विकास का कार्य किया जाएगा. शहर को जाम से पूरी तरह से मुक्ति दिलाई जाएगी. वहीं अतिक्रमण की समस्या को भी दूर किया जाएगा. चुनाव जीतकर डॉक्टर प्रेम कुमार 9 वीं बार विधायक बने, फिर विधानसभा अध्यक्ष भी बने. शुरुआती कुछ दिनों तक सब कुछ ठीक करने की कोशिश की गई, लेकिन फिर ठंडे बस्ते में चला गया.

"अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी हमारी है, लेकिन यदि अतिक्रमण हटाने के बाद कोई फिर से वहां अतिक्रमण करता है, तो उसे रोकने की जिम्मेदारी पुलिस को है. हालांकि हम लोग फिर से एक बार इसे लेकर मंथन करेंगे और अतिक्रमण एवं सड़क जाम को दूर करने को लेकर ठोस काम करेंगे."- अभिषेक पलासिया, नगर निगम आयुक्त, गया जी

क्या है ट्रैफिक जाम का कारण?: इस संबंध में प्रसिद्ध समाजसेवी लालजी प्रसाद बताते हैं, कि जाम लगने के कई कारण हैं. इन कारणों में सड़क जाम को लेकर ठोस उपाय न करना, आबादी बढ़ना, वाहनों की बढ़ती संख्या, बैंकों के द्वारा टोटो और ऑटो का आसानी से फाइनेंस करना जिससे कि इसकी संख्या बढ़ी, अवैध पार्किंग किया जाना शामिल है. इसके साथ ही सड़कों का अतिक्रमण, टूटी हुई सड़कें, खराब ड्राइविंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी भी जाम का कारण है.

"प्राइवेट बस जहां-तहां खड़ा होना, ऑटो-टोटो का रूट सही नहीं होना, फुटपाथी दुकानदारों के लिए झारखंड के रांची की तरह मॉल का न बनना, फ्लाई ओवर का अभाव होना, यह सब ऐसे तथ्य हैं, जिससे गया शहर में ट्रैफिक जाम की स्थिति है."- लालजी प्रसाद,प्रसिद्ध समाजसेवी