वियतनाम के राष्ट्रपति का पहला भारत दौरा, गया एयरपोर्ट पर CM सम्राट ने किया स्वागत; कल मिलेंगे PM से
बोधगया: भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली एवं विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा, जब वियतनाम के राष्ट्रपति एवं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ वियतनाम के जनरल सेक्रेटरी तो लाम अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ महाबोधि मंदिर पहुंचे। राष्ट्रपति टो लाम ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे ध्यान साधना कर विश्व शांति, सद्भाव और मानव कल्याण का संदेश दिया।
गया पहुंचने पर सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रपति टो लाम का स्वागत किया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनका काफिला बोधगया पहुंचा। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे गया और बोधगया में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। महाबोधि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क नजर आईं।
राष्ट्रपति टो लाम 80 सदस्यीय उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के साथ महाबोधि मंदिर पहुंचे, जहां बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (BTMC) की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी ने पवित्र खादा पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे, जहां मुख्य भिक्षु भिक्खु चालिंदा ने उन्हें विधिवत पूजा-अर्चना कराई। राष्ट्रपति ने भगवान बुद्ध के समक्ष पुष्प अर्पित किए तथा दीप और अगरबत्तियां जलाकर श्रद्धा व्यक्त की।
पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रपति टो लाम पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे पहुंचे, जहां उन्होंने कुछ समय ध्यान-साधना की। इस दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह आध्यात्मिक वातावरण में डूबा नजर आया। राष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर परिसर का भ्रमण भी किया। उनके आगमन को लेकर बोधगया पहुंचे वियतनामी पर्यटकों और बौद्ध श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।
राष्ट्रपति टो लाम का यह दौरा भारत और वियतनाम के बीच गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। बौद्ध धर्म की साझा विरासत दोनों देशों को वर्षों से जोड़ती रही है और इसी विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के दौरे दोनों देशों के बीच आपसी समझ, सांस्कृतिक सहयोग और मैत्री संबंधों को नई मजबूती प्रदान करते हैं।
वहीं बता दें कि वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम बुधवार को दिल्ली पहुंचेंगे। 6 मई को सुबह 9 बजे राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वे राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि देंगे। उसके बाद सुबह 11:30 बजे हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होगी। बैठक के बाद दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।