विजय सिन्हा का बड़ा एक्शन: जमीन मामलों में भेदभाव खत्म, राजस्व अधिकारियों को संविधान के तहत फैसले का निर्देश

 

Bihar news: बिहार में जमीन से जुड़े विवादों को लेकर आम लोगों की सबसे बड़ी शिकायत रही है, राजस्व अधिकारियों की मनमानी और एक जैसे मामलों में अलग-अलग फैसले। अब इस पर लगाम कसने की तैयारी कर ली गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी कीमत पर पक्षपात, दबाव या पहचान के आधार पर निर्णय नहीं होंगे।

उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय सिन्हा के निर्देश पर विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलाधिकारियों और राजस्व अधिकारियों को सख्त पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि भूमि से जुड़े हर मामले में संविधान के अनुच्छेद-14 यानी समानता के सिद्धांत का पूरी तरह पालन करना अनिवार्य होगा। समान परिस्थिति वाले मामलों में समान आदेश देना अब सिर्फ अपेक्षा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी होगी।

पत्र में साफ तौर पर बताया गया है कि दाखिल-खारिज, अतिक्रमण हटाने, जमाबंदी कायम करने, पट्टा, सार्वजनिक भूमि और अन्य जमीन विवादों में एकरूप, पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। किसी व्यक्ति की पहचान देखकर आदेश देना, दबाव में फैसला बदलना या चुनिंदा सख्ती दिखाना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इन निर्देशों के पालन की सीधी जिम्मेदारी जिलों के समाहर्ताओं को दी गई है। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि हर राजस्व अधिकारी नियमों के तहत काम करे और आम जनता को न्याय मिले।

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि नीतीश सरकार के “सबका सम्मान, जीवन आसान” के लक्ष्य को तभी पूरा किया जा सकता है, जब लोगों को यह भरोसा हो कि उनकी जमीन और अधिकारों से जुड़े मामलों में सरकार निष्पक्ष है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन मामलों में पारदर्शिता और समानता ही सुशासन की असली पहचान है।

इस फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि बिहार में जमीन विवादों को लेकर आम लोगों को राहत मिलेगी और राजस्व व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा।