बिहार में मौसम ने बदला मिजाज, मुजफ्फरपुर में ऑरेंज अलर्ट; गंडक के उफान से कई इलाकों में बाढ़ का खतरा
Bhar weather Update: बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल गया है। बारिश, तेज हवा और वज्रपात की आशंका के बीच मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने कई जिलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। मुजफ्फरपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां भारी बारिश के साथ मेघगर्जन और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
दूसरी ओर गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने भी चिंता बढ़ा दी है। गोपालगंज, सिवान और पूर्वी चंपारण के निचले इलाकों में नदी का पानी बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। प्रशासन की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।
इन जिलों में भी बारिश और वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पटना, सिवान, गोपालगंज, शिवहर और पूर्वी चंपारण समेत कई इलाकों में बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका है। गुरुवार को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम अस्थिर रहने का अनुमान है।
कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तेज हवा के कारण भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
गंडक के बढ़ते पानी ने बढ़ाई चिंता
गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि का असर खासतौर पर निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। गोपालगंज, सिवान और पूर्वी चंपारण में बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
आपदा राहत से जुड़ी टीमें और स्थानीय प्रशासन संभावित परिस्थितियों को देखते हुए अलर्ट हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके, इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं।
खराब मौसम में इन बातों का रखें ध्यान
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। आंधी या बिजली कड़कने के समय खुले मैदान, जलभराव वाले स्थान और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दी गई है।
लोगों को सुरक्षित रहने के लिए पक्के मकानों के भीतर रहने को कहा गया है। किसानों से भी अपील की गई है कि वे बारिश और वज्रपात के दौरान खेतों में न जाएं। मवेशियों को भी खुले स्थानों से दूर सुरक्षित जगह पर रखने की सलाह दी गई है।
प्रशासन अलर्ट, कंट्रोल रूम सक्रिय
बाढ़ और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलों में प्रशासनिक मशीनरी को अलर्ट मोड पर रखा गया है। नियंत्रण कक्षों को सक्रिय कर स्थिति की निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम और बाढ़ से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।