West Champaran Flood Alert: नेपाल में झील टूटने की खबर से बढ़ी चिंता, गंडक के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर

 

Betiiah News: नेपाल में लगातार बदल रहे मौसम और झील टूटने की खबरों के बीच पश्चिम चंपारण में गंडक नदी को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है। संभावित जलस्तर बढ़ोतरी को देखते हुए बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा ने शनिवार को बैरिया प्रखंड के संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गंडक नदी के घाटों और आसपास की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली।

मंत्री ने पूजहा और सिंगही स्थित गंडक नदी घाटों के साथ घोड़हिया गंडक कार्यालय के पास पहुंचकर नदी के जलस्तर, पानी के बहाव और बाढ़ की संभावित स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण से पहले जिला पदाधिकारी समेत जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा हालात पर चर्चा भी की गई।

गंडक बराज से बढ़ा पानी का डिस्चार्ज

वाल्मीकिनगर गंडक बराज से नदी में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सुबह 8 बजे करीब 99,800 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। दो घंटे बाद यानी सुबह 10 बजे यह बढ़कर 1,02,200 क्यूसेक हो गया।

नेपाल में बारिश, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और झीलों के टूटने की घटनाओं के बीच गंडक के जलस्तर में होने वाला कोई भी अचानक बदलाव बिहार के सीमावर्ती इलाकों के लिए चिंता बढ़ा सकता है। गंडक नदी नेपाल से निकलकर बिहार के कई हिस्सों से होकर गुजरती है, ऐसे में ऊपरी क्षेत्र में बढ़ने वाला पानी निचले इलाकों को प्रभावित कर सकता है।

फिलहाल स्थिति सामान्य, लेकिन निचले इलाकों को सतर्क रहने की सलाह

निरीक्षण के दौरान मंत्री रत्नेश सादा ने कहा कि फिलहाल गंडक नदी की स्थिति सामान्य है, लेकिन निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने नेपाल की त्रिशूली नदी में भूस्खलन के बाद बने हालात का भी उल्लेख किया और कहा कि बिहार सरकार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

मंत्री के मुताबिक प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। संभावित आपात स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव से संबंधित तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

तटबंधों को मजबूत करने पर भी हुई चर्चा

दौरे के दौरान बाढ़ से सुरक्षा के लिए तटबंधों के पक्कीकरण का मुद्दा भी सामने आया। मंत्री ने कहा कि पूर्व में भेजे गए पत्रों और संबंधित प्रस्तावों के आधार पर मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी। इसके बाद तटबंधों को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।

जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी नदी के जलस्तर तथा बराज से पानी के डिस्चार्ज की लगातार निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन की कोशिश है कि यदि नदी का दबाव अचानक बढ़ता है तो प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।

लोगों से अपील- सूचना मिलते ही सुरक्षित स्थानों पर जाएं

प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने या किसी आपात स्थिति की सूचना मिलने पर सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थान की ओर जाने में देरी न करें।

निरीक्षण के दौरान सूर्यपुर पंचायत के मुखिया इस्लाम गद्दी, पखनाहा-डुमरिया पंचायत के मुखिया हरिलाल राम, समाजसेवी रुपेश कुशवाहा, आनंद जायसवाल समेत जल संसाधन विभाग के अधिकारी और स्थानीय कर्मी मौजूद रहे।

फिलहाल गंडक की स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन नेपाल में हो रही घटनाओं और बराज से बढ़ते डिस्चार्ज के बीच प्रशासन की नजर नदी के हर बदलाव पर बनी हुई है। आने वाले घंटों में जलस्तर का रुख पश्चिम चंपारण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।