नीट छात्रा मौत मामले में पटना पुलिस आखिर कर क्या रही? रवैये पर खड़े हो रहे सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने...

Patna:  छात्रा की मौत के बाद छात्र, परिजन और आम जनता ने न्याय की मांग को लेकर पटना के गांधी मैदान और प्रमुख इलाकों में प्रदर्शन किये. कुछ स्थानों पर पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करना पड़ा. लोग स्पष्ट और निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं...

 

Patna: पटना पुलिस का यह बयान शुक्रवार को आया. लेकिन इसके पहले लगातार तीन-चार दिनों से पटना पुलिस इस बात को कहती रही की छात्रा की यूरीन रिपोर्ट में नींद की गोलियां खाने की बात सामने आई है और किसी भी तरह की सेक्सुअल हैरेसमेंट की बात नहीं है. मगर 17 जनवरी आते ही पूरी कहानी पलट गई. पटना की नीट छात्र मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ और पीएमसीएम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप एवं हैवानियत की पुष्टि पुष्टि की गई.

युवती के शरीर पर नाखून के निशान, दवा और इंजेक्शन देने की आशंका व्यक्त की गई है. छात्र के प्राइवेट पार्ट पर भी गहरी चोट के निशान पाए गए हैं. छाती और कंधे पर नाखून से नोचने के गहरे निशान भी हैं. पीठ के हिस्से में पड़े नीले निशान भी सामने आए हैं. अब पटना एम्स में भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

इस बीच इस मामले की जांच के एसआईटी गठित कर गई है. मामले की निगरानी आईजी सेंट्रल जोन करेंगे. इतना ही नहीं आईजी के निर्देश पर जांच की रोजाना समीक्षा की भी बात कही है. मगर सवाल पटना पुलिस के उस रवैये को लेकर है जो बीते तीन-चार दिनों से वह दिखा रही है. खास बात यह है कि परिजन लगातार न्याय की गुहार मांग लग रहे थे और दुष्कर्म की बात कहते रहे हैं.

दरअसल, पटना के चित्रगुप्त नगर थाना इलाके में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में मेडिकल की तैयारी कर रही एक NEET छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे बिहार को हिला दिया है. मामले में पुलिस के बार-बार बदलते बयान और जांच की अस्पष्टता ने इस असाधारण घटना को भी गंभीर विवाद में बदल दिया है. परिजन और छात्रों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन मामले की जांच सही ढंग से नहीं कर रहे. अब जनता बेटी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आई है.

पूरी घटना समझिये

बताया जाता है कि पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल की तैयारी कर रही 17-18 वर्ष की छात्रा को 9 जनवरी को उसके कमरे में बेहोश हालत में पाया गया. उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. शुरुआती रिपोर्ट में कुछ अधिकारियों ने कहा कि उसमें यौन उत्पीड़न के कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले और यूरिन में नींद की दवा के संकेत पाए गए. वहीं परिवार और स्थानीय लोग घटना को रेप और हत्या का मामला बताते रहे.

शुरुआत में पटना पुलिस ने कहा कि डॉक्टरों और CCTV जांच में यौन उत्पीड़न के संकेत नहीं मिले और मौत को नींद की दवा के अधिक सेवन से जोड़ा गया था. इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पुलिस ने बयान बदलते हुए कहा कि यौन हिंसा को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता. इसी बदलाव ने मामला और जटिल बना दिया है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर चोट और संघर्ष के गंभीर निशान मिले और यौन हिंसा के संकेतों को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता बताया गया है. इस रिपोर्ट के बाद पुलिस ने हॉस्टल मालिक मनिष कुमार रंजन को गिरफ्तार किया है ताकि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न हो सके.

परिजनों की मांग और आरोप

छात्रा के परिवार का कहना है कि जांच में प्रारंभिक स्तर पर दबाव बनाया गया, जिससे मामला दफा किये जाने जैसा दिखाया जाता रहा. परिजन आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस और हॉस्टल प्रशासन साक्ष्य छुपाने की कोशिश कर रहे थे, और उन पर रोक-टोक व दबाव डाला गया ताकि उचित जांच नहीं हो. इसके चलते परिवार ने न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया.

सामाजिक-राजनीतिक रिएक्शन

इस मामले को लेकर विपक्षी नेताओं और सामाजिक संगठनों ने पटना पुलिस के रुख पर सवाल खड़े किये हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी परिवार से मुलाकात कर पुलिस जांच पर सवाल उठाये और पुनः जांच की मांग की है. बिहार राज्य महिला आयोग सहित कई समूहों ने इस तरह के मामलों पर तुरंत कार्रवाई और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है.

छात्रा की मौत के बाद छात्र, परिजन और आम जनता ने न्याय की मांग को लेकर पटना के गांधी मैदान और प्रमुख इलाकों में प्रदर्शन किये. कुछ स्थानों पर पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करना पड़ा. लोग स्पष्ट और निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और लड़कियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं.

पटना पुलिस का एक्शन

पटना पुलिस ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है, और AIIMS जैसी उच्च स्तरीय चिकित्सा समीक्षा भी कराई जा रही है. इस मामले में कई लोगों को बयान के लिए बुलाया जा रहा है तथा जांच का दायरा विस्तृत किया जा रहा है. पटना में हॉस्टल में मेडिकल की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला अब सिर्फ एक सामान्य घटना नहीं रह गया है.