राबड़ी देवी आज खाली करेंगी 10 सर्कुलर रोड का बंगला? तेज हुई शिफ्टिंग, सियासी हलचल चरम पर

 

Bihar Political News: बिहार की राजनीति में रविवार को एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10, सर्कुलर रोड को लेकर सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म है। वजह है भवन निर्माण विभाग की ओर से बंगला खाली करने के लिए दिया गया अंतिम नोटिस, जिसकी समयसीमा आज समाप्त हो रही है।

सरकार ने राबड़ी देवी को 29 जून तक वीवीआईपी आवास खाली करने का निर्देश दिया था। हालांकि, रविवार सुबह तक राष्ट्रीय जनता दल (RJD) या लालू परिवार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन बंगले पर चल रही गतिविधियां इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि परिवार जल्द ही यहां से शिफ्ट हो सकता है।

पिछले कुछ दिनों से 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास से सामानों की पैकिंग और ढुलाई का काम तेजी से चल रहा है। घरेलू सामानों को ट्रकों और पिकअप वाहनों के जरिए कौटिल्य नगर स्थित नए आवास और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी आवास तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं, बंगले पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी हटाए जाने की सूचना है, जिससे कयासों को और बल मिला है।

सूत्रों के अनुसार, राबड़ी देवी ने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर आवास में उपलब्ध सरकारी सामानों की सूची उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। राजद नेताओं का कहना है कि भविष्य में किसी प्रकार के विवाद से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। पार्टी का दावा है कि पहले भी सरकारी आवास खाली करने के दौरान बेबुनियाद आरोप लगाए गए थे, इसलिए इस बार पूरी प्रक्रिया सावधानीपूर्वक अपनाई जा रही है।

भवन निर्माण विभाग के मुताबिक, राबड़ी देवी को नवंबर 2025 में ही नेता प्रतिपक्ष के तौर पर 39, हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका था। वहीं, 10 सर्कुलर रोड का आवंटन अब मंत्री नंद किशोर राम के नाम कर दिया गया है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि लालू परिवार फिलहाल हार्डिंग रोड के बजाय कौटिल्य नगर स्थित अपने नए निजी आवास में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहा है।

इधर, पूरे बंगला विवाद को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही विपक्ष पर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने कहा था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी संपत्ति किसी की निजी विरासत नहीं हो सकती और नियम सभी के लिए समान हैं।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राबड़ी देवी आज निर्धारित समय सीमा के भीतर बंगला खाली करती हैं या फिर यह मामला नया राजनीतिक मोड़ लेता है।