जदयू ने विमल शुक्ला को पार्टी से निकाला, सुरसंड चुनाव में राजद के लिए किया था प्रचार
Bihar news: सीतामढ़ी जदयू जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि पूर्व लोक अभियोजक विमल शुक्ला को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलग्न रहने के कारण जदयू से निष्कासित किया गया है। उन्होंने विधानसभा चुनाव में एनडीए समर्थित जदयू के सुरसंड से प्रत्याशी प्रो. नागेंद्र राउत के खिलाफ राजद प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार किया था, जिसके कई ऑडियो व वीडियो साक्ष्य के रूप में अनुशासन समिति को भेजी गई थी, जिसपर यह कार्रवाई हुई है।
उन्होंने कहा कि दल से निकाले जाने के बाद सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के विरुद्ध उनके आरोप निहायत निंदनीय है। किसी भी राजनीतिक व्यक्ति को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए जिससे कभी मिलने में कठिनाई हो। जदयू जिलाध्यक्ष कुशवाहा ने कहा कि पूर्व पीपी विमल शुक्ला का यह कहना है कि लोक अभियोजक बनने के बाद वे जदयू के सदस्य नहीं थे, किंतु लोक अभियोजक बनने के बाद भी वे जदयू की बैठक एवं विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन व सभाओं में भाग लेते रहे थे।
उन्होंने कभी जदयू की प्राथमिक सदस्यता तथा राज्य परिषद सदस्य पद से इस्तीफा नहीं दिया था। दल में रहकर भीतर घात करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जनता दल पूरी तरह लोकतांत्रिक पार्टी है और उसमें दल विरोधी काम करनेवाले को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इस मौके पर जिला संगठन प्रभारी हरिद्वार राय पटेल के साथ युवा जिलाध्यक्ष सुजीत कुमार झा, सुजीत सिंह, शादाब अहमद खां व दिलीप कुशवाहा मौजूद थे।