भरत तिवारी एनकाउंटर पर बढ़ा बवाल, मां ने लगाए हत्या और जहर देने के गंभीर आरोप; निष्पक्ष जांच की मांग तेज
Bihar news: भोजपुर जिले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुए भरत तिवारी की मौत का मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। जहां पुलिस इसे एनकाउंटर की कार्रवाई बता रही है, वहीं परिजन और ग्रामीण लगातार इस पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब भरत तिवारी की मां और परिवार की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उनके बेटे की मौत सिर्फ गोली लगने से नहीं हुई, बल्कि उसे जहर भी दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि तबीयत बिगड़ने और लगातार उल्टियां होने के बाद भरत की मौत हुई। आशा देवी ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि घटना से पहले पुलिस उनके घर पहुंची थी और उस दौरान परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आशा देवी ने आरोप लगाया कि पुलिस का रवैया शुरू से ही आक्रामक था और परिवार पर दबाव बनाया जा रहा था।
वहीं भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मुठभेड़ नहीं बल्कि हत्या का मामला है। उन्होंने दावा किया कि भरत को कई गोलियां मारी गईं और उसके साथ अन्य तरह की ज्यादती भी की गई। परिवार ने न्यायिक जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
भरत तिवारी की मौत के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर आरा-बक्सर फोरलेन जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसके बाद गोली चलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। पुलिस के अनुसार जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिवार की ओर से हत्या और जहर देने जैसे गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामला अब और अधिक चर्चा में आ गया है। पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की भी नजर बनी हुई है। अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि मामले की सच्चाई क्या है और जांच में कौन से तथ्य सामने आते हैं।