Bihar news: मजदूरी के नाम पर मौत! पीलीभीत से शव पहुंचते ही बेतिया में बवाल, दो मजदूर अब भी बंधक होने का आरोप

 

Bihar news: पश्चिम चम्पारण जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र के निमोनिया गांव निवासी मजदूर रमेश मांझी की उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जब गुरुवार को उनका शव बेतिया लाया गया, तो परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा।

आक्रोशित लोगों ने बेतिया–पटजिरवा मुख्य मार्ग पर शव को सड़क के बीच रखकर आगजनी की और जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

तीन माह पहले मजदूरी के लिए ले जाया गया था

परिजनों के अनुसार, रमेश मांझी को उसके गांव के बगल के एक ठेकेदार ने करीब तीन महीने पहले उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के मझोला इलाके में मजदूरी कराने के लिए ले गया था। वहीं काम के दौरान रमेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

दो अन्य मजदूरों के बंधक होने का आरोप

परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि रमेश के साथ काम करने गए दो अन्य मजदूर—धर्मेंद्र मांझी और अरुण मांझी—अब भी पीलीभीत में बंधक बनाए गए हैं। उनका कहना है कि तीनों मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था, जिसके चलते रमेश की जान चली गई।

मांगों पर अड़े परिजन

प्रदर्शन कर रहे लोग दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, बंधक मजदूरों की सुरक्षित रिहाई और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। परिजन अपनी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं दिखे।

पुलिस और प्रशासन मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। हालांकि, स्थिति कुछ समय तक तनावपूर्ण बनी रही।

जांच के बाद होगी कार्रवाई : SDPO

मामले को लेकर एसडीपीओ रजनीश कान्त प्रियदर्शी ने बताया कि रमेश मांझी मजदूरी के लिए बाहर गया था और उसकी मौत की सूचना मिली है। हत्या की आशंका जताई जा रही है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।