वैशाली में खून का बदला खून से लेने की साजिश नाकाम! 50 हजार की सुपारी पर पहुंचे शूटर को ग्रामीणों ने दबोचा, हथियार बरामद
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत वर्ष 2024 में दो दोस्तों के बीच हुए झगड़े से हुई थी। आरोप है कि इस विवाद में अमरजीत कुमार और उसके भाई अंकित सिंह ने रंजीत कुमार यादव पर हमला कर उसकी आंख में नुकीली वस्तु मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
बताया जाता है कि कुछ समय बाद रंजीत कुमार यादव ने इसी रंजिश में अमरजीत कुमार की बीच बाजार गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में रंजीत और उसके कई साथी जेल भी गए थे। हालांकि जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी खत्म नहीं हुई।
रैकी के बाद रची गई हत्या की साजिश
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते रंजीत कुमार यादव के भाई सुभाष कुमार यादव की हत्या की योजना बनाई गई। आरोप है कि इसके लिए अपराधियों को सुपारी दी गई थी और कई दिनों से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
इसी क्रम में कथित शूटर हथियार के साथ घटना को अंजाम देने पहुंचा, लेकिन ग्रामीणों को उसकी गतिविधियों पर शक हो गया। लोगों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और जमकर पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।
हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से एक देशी कट्टा और कारतूस बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी कथित तौर पर सुपारी लेकर हत्या करने पहुंचा था।
मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस
ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड पंकज सिंह को बताया जा रहा है, जो मृतक अमरजीत और अंकित सिंह का रिश्तेदार है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अभी आधिकारिक तौर पर किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की गई है।
औद्योगिक थाना पुलिस का कहना है कि एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है तथा उसके पास से हथियार और गोली बरामद हुई है। मामले की गहन जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।