पटना में साइबर फ्रॉड: महिला के यूनियन बैंक खाते से 1.65 लाख रुपये की निकासी, साइबर थाने में शिकायत

 

 

 

Patna: राजधानी पटना में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। कदमकुआं थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बचत खाते से कथित तौर पर साइबर फ्रॉड के जरिए 1 लाख 65 हजार 999 रुपये निकाल लिए गए। महिला को जब खाते से लगातार रकम निकलने की जानकारी मिली तो उन्होंने बैंक से संपर्क कर खाता फ्रीज कराने की कोशिश की। इसके साथ ही साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई है।

पीड़िता की ओर से पटना साइबर थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार उनका खाता यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मछुआटोली शाखा में है। शिकायत में बताया गया है कि 31 अगस्त की रात करीब 8:43 बजे से 9 बजे के बीच उनके खाते से कई बार में रकम ट्रांसफर/निकासी की गई।

कुछ ही मिनटों में खाते से निकल गए हजारों रुपये

शिकायत के मुताबिक, खाते से पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए रकम निकाली गई। इनमें 8,999 रुपये, 20 हजार रुपये की तीन अलग-अलग निकासी और अंत में 97 हजार रुपये की राशि शामिल है। इस तरह कुल 1,65,999 रुपये खाते से निकल गए।

पीड़िता का आरोप है कि इससे पहले भी खाते में करीब 9 हजार रुपये की एक संदिग्ध निकासी की गई और उसी दौरान रकम वापस खाते में जमा कर दी गई। इसके बाद कुछ ही मिनटों के अंतराल में खाते से बड़ी राशि निकाल ली गई। लगातार हुए इन ट्रांजेक्शन से पीड़िता को साइबर अपराध का संदेह हुआ।

बैंक को फोन कर खाता फ्रीज कराने की कोशिश

रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता ने तत्काल बैंक की ओर से उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर खाता फ्रीज कराने की कोशिश की। शिकायत के अनुसार शुरुआत में कॉल कनेक्ट नहीं हो सका। बाद में करीब 9:04 बजे कॉल रिसीव हुआ और बैंक की ओर से शिकायत दर्ज कर खाते को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जानकारी दी गई।

पीड़िता के अनुसार बैंक की ओर से बाद में उन्हें संदेश भी प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने अपने आवेदन के साथ साक्ष्य के तौर पर संलग्न किया है।

1930 पर भी दर्ज कराई शिकायत

बैंक से संपर्क करने के साथ ही पीड़िता ने साइबर अपराध की राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के लिए उन्हें एक संदर्भ संख्या भी प्राप्त हुई है। इसके बाद ऑनलाइन साइबर सेल की ओर से पटना साइबर थाने में लिखित आवेदन देने के लिए कहा गया।

पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में बैंक पासबुक, ट्रांजेक्शन से संबंधित विवरण और बैंक स्टेटमेंट समेत अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही है।

रकम वापस कराने और कार्रवाई की मांग

पीड़िता ने साइबर थाने से मामले की जांच कर खाते से निकाली गई रकम को रोकने और उसे वापस दिलाने की मांग की है। साथ ही, खाते से रकम निकालने वाले व्यक्ति या गिरोह की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध के बीच यह मामला एक बार फिर लोगों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को सामने लाता है। बैंक खाते से किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही बैंक को सूचित करने के साथ-साथ  1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज करना अहम माना जाता है।