तेजस्वी यादव के करीबी बताए जाने वाले भू-माफिया पर शिकंजा, 42 करोड़ की संपत्ति जांच के घेरे में
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कई चल और अचल संपत्तियां चिन्हित की गईं, लेकिन इनके संबंध में कोई स्पष्ट और वैध आय स्रोत नहीं दिखाया जा सका। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि यह संपत्ति आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन से बनाई गई हो सकती है। इसी आधार पर अब PMLA एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
गंगदयाल यादव पर पहले से हत्या के प्रयास, रंगदारी, धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य गंभीर धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके आपराधिक रिकॉर्ड, आरोप पत्र और संपत्तियों का पूरा ब्यौरा तैयार कर आर्थिक अपराध इकाई और ईडी को सौंप दिया है।
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। स्थानीय स्तर पर गंगदयाल यादव को लंबे समय से लालू परिवार का करीबी माना जाता रहा है। राजनीतिक गलियारों में उसे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का रिश्तेदार बताया जाता है। ऐसे में विपक्ष इस कार्रवाई को लेकर सरकार और राजद दोनों पर सवाल उठा रहा है।
गोपालगंज पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में ऐसे कई और मामलों में ईडी और आर्थिक अपराध इकाई को कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजे जा सकते हैं।
फिलहाल पूरे मामले पर सबकी नजर टिकी हुई है कि जांच एजेंसियां अब इस हाई-प्रोफाइल केस में अगला बड़ा कदम क्या उठाती हैं।