गोपालगंज में जदयू विधायक समेत तीन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, गिरफ़्तारी के लिए पुलिस ने की ताबड़तोड़ छापेमारी

 

Gopalganj News: बिहार के गोपालगंज जिले से एक बड़ी राजनीतिक और आपराधिक खबर सामने आई है, जहां कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र के जदयू विधायक अमरेन्द्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, उनके भाई कुख्यात सतीश पांडेय और करीबी सहयोगी सीए राहुल तिवारी के खिलाफ अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। वारंट जारी होते ही जिला पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और सोमवार सुबह तड़के व्यापक छापेमारी अभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के नेतृत्व में करीब पांच थानों की पुलिस टीम ने विधायक के पैतृक गांव तुलसिया में सुबह-सुबह दबिश दी। हालांकि, छापेमारी की भनक लगते ही विधायक और उनके भाई मौके से फरार हो गए। पुलिस अब उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। यह पूरा मामला जमीन कब्जाने और जानलेवा हमले से जुड़ा बताया जा रहा है। 

जानकारी के अनुसार, मीरगंज निवासी जितेंद्र कुमार राय ने 1 अप्रैल को कुचायकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बेलवा गांव स्थित लगभग 17 एकड़ जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों के समर्थकों ने जमीन पर बने पांच कमरों के मकान के ताले तोड़ दिए और अपने ताले लगा दिए। विरोध करने पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग भी की गई। पीड़ित ने अपनी शिकायत में जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग भी की थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे साजिश रचने में विधायक और उनके भाई की भूमिका संदिग्ध है। इसी आधार पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। 

गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं को संरक्षण देने या अपराध को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार छापेमारी कर रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं। लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 

बताया जाता है कि विधायक पप्पू पांडेय जिले के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत मानी जाती है। सरकारी अभिलेखों के अनुसार, उनके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है। उनके और उनके परिवार के पास कई लग्जरी वाहन, व्यावसायिक संपत्तियां और जिले के विभिन्न हिस्सों में जमीनें दर्ज हैं। विधायक की पत्नी के नाम पर भी कई संपत्तियां और आभूषण होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वर्तमान कार्रवाई केवल दर्ज मामले के आधार पर की जा रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

इस पूरे मामले ने बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है, जिससे पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।