‘ईमेल से दहशत’- चंडीगढ़-जालंधर के स्कूलों और सरकारी इमारतों को बम से उड़ाने की धमकी, हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

खालिस्तान के नाम से भेजे गए धमकी भरे मेल के बाद मचा हड़कंप, स्कूल खाली कराए गए, कई जगह सर्च ऑपरेशन तेज
 
Chandigarh News: पंजाब में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर बड़ा अलर्ट जारी हो गया है। स्कूलों और सरकारी इमारतों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई, जिसमें कई संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई है।

बताया जा रहा है कि जालंधर के डीपीएस, मेयर वर्ल्ड स्कूल और एमजीएन स्कूल समेत कई शिक्षण संस्थानों को सुबह-सुबह धमकी भरे मेल मिले। वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर-41, 32, 47 और 45 के स्कूलों को भी इसी तरह के संदेश भेजे गए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

तुरंत एक्शन में पुलिस, चलाया गया सघन सर्च ऑपरेशन
धमकी मिलते ही पुलिस, बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड को मौके पर तैनात कर दिया गया। स्कूलों को खाली कराया गया और हर कोने की बारीकी से जांच की गई। फिरोजपुर कोर्ट कॉम्प्लेक्स को भी बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद दोपहर तक कामकाज रोक दिया गया और परिसर को खाली कर जांच शुरू की गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में कहीं से भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।

ईमेल में खालिस्तान का जिक्र, नेताओं को भी बनाया निशाना
धमकी भरे ईमेल में खुद को ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ से जुड़ा बताया गया है। इसमें पंजाब यूनिवर्सिटी के गांधी भवन में ग्रेनेड हमले का समय भी बताया गया है। इतना ही नहीं, ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री, डीजीपी और कई बड़े नेताओं को भी निशाना बनाने की बात कही गई है।

साइबर सेल की जांच तेज, हर एंगल से पड़ताल
पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और साइबर सेल ईमेल के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं ताकि इस साजिश के पीछे के लोगों का जल्द पता लगाया जा सके।

प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

फिलहाल राहत की बात यह है कि अब तक कहीं से कोई विस्फोटक नहीं मिला है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।