NEET प्रदर्शन में हिंसा के बाद पटना पुलिस का बड़ा एक्शन, 500 अज्ञात पर FIR; 40 हिरासत में, CCTV से उपद्रवियों की पहचान जारी
Patna: NEET परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में पटना में हुआ छात्रों का प्रदर्शन हिंसक झड़प के बाद अब पुलिस कार्रवाई के दौर में पहुंच गया है। परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी सड़क पर उतरे थे। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस वाहनों पर पथराव किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है।
500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर दर्ज हुई FIR
हिंसा और तोड़फोड़ की घटना को गंभीरता से लेते हुए पटना पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, कोतवाली, गांधी मैदान और सचिवालय थाना क्षेत्रों में करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान में जुटी है।
40 संदिग्ध हिरासत में, वीडियो फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने अब तक करीब 40 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्वों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरों के साथ-साथ प्रदर्शन की वीडियोग्राफी और सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो की भी जांच कर रही है। इन फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
सोशल मीडिया और यूट्यूब चैनल भी जांच के दायरे में
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं सोशल मीडिया पोस्ट या ऑनलाइन वीडियो के जरिए प्रदर्शनकारियों को भड़काने या अफवाह फैलाने का प्रयास तो नहीं किया गया। कुछ यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पटना पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।