नवादा में सियासी चेहरे एकजुट! बेटे की मौत पर राजवल्लभ यादव के घर उमड़ा नेताओं का हुजूम, अनंत सिंह-रामकृपाल यादव ने जताई संवेदना

 
Bihar News: बिहार के नवादा जिले के पथरा इंग्लिश गांव में मंगलवार को सियासी हलचल उस वक्त तेज हो गई, जब पूर्व राज्य मंत्री राजवल्लभ यादव के आवास पर कई बड़े नेता पहुंचे। यह मुलाकात किसी राजनीतिक रणनीति के तहत नहीं, बल्कि एक परिवार के दुख में साथ खड़े होने के लिए थी।

शोक में डूबा परिवार, संवेदना देने पहुंचे नेता

हाल ही में सड़क हादसे में बेटे को खोने वाले राजवल्लभ यादव के परिवार से मिलने बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह पहुंचे। दोनों नेताओं ने परिवार के साथ समय बिताकर गहरी संवेदना व्यक्त की और इस दुख की घड़ी में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।

जेल से छूटते ही नवादा पहुंचे अनंत सिंह

करीब चार महीने बाद जेल से रिहा हुए अनंत सिंह सीधे अपने क्षेत्र से नवादा पहुंचे। उनका काफिला करीब 50 से ज्यादा गाड़ियों का था, जिसने इलाके में एक बार फिर उनकी सक्रियता का संकेत दे दिया। हालांकि इस बार उनका मकसद सिर्फ शोक जताना था।

19 मार्च को हुआ था दर्दनाक हादसा

बताया जा रहा है कि 19 मार्च को सड़क दुर्घटना में राजवल्लभ यादव के पुत्र की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है। उनकी पत्नी और नवादा की विधायक विभा देवी लगातार लोगों से मिल रही हैं, जो संवेदना व्यक्त करने पहुंच रहे हैं।

सियासत से ऊपर इंसानियत की मिसाल

इस मौके पर नेताओं ने साफ संदेश दिया कि व्यक्तिगत दुख के समय राजनीतिक मतभेद मायने नहीं रखते। रामकृपाल यादव ने परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिया, वहीं अनंत सिंह ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए साथ खड़े रहने की बात कही।

सुरक्षा के बीच भावुक माहौल

आवास पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन माहौल पूरी तरह भावुक रहा। नेताओं की मौजूदगी ने यह जरूर दिखा दिया कि दुख की घड़ी में सियासत नहीं, बल्कि इंसानियत सबसे आगे होती है।