गयाजी में डॉक्टर रंगदारी कांड का सनसनीखेज खुलासा, पत्नी से एक करोड़ की फर्जी रंगदारी मांगने वाला खुद डॉक्टर निकला मास्टरमाइंड
Gaya News: गयाजी में मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एक डॉक्टर से जुड़े एक करोड़ रुपये की रंगदारी मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि स्वयं डॉक्टर सत्येंद्र कुमार हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मगध मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष (HOD) डॉ. सत्येंद्र कुमार ने ही अपनी पत्नी विभा देवी के मोबाइल पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की साजिश रची थी। इसके लिए उन्होंने अपने दो सहयोगियों गेवल बिगहा निवासी नौशाद आलम और इरशाद आलम की मदद ली। दोनों ने डॉक्टर की पत्नी को फोन कर पैसे की मांग की और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि 27 और 31 दिसंबर को डॉ. सत्येंद्र कुमार की पत्नी को अज्ञात नंबरों से फोन कर एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि रंगदारी की पूरी कहानी फर्जी थी और इसके पीछे खुद डॉक्टर सत्येंद्र कुमार का हाथ था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर सत्येंद्र कुमार समेत नौशाद आलम और इरशाद आलम को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों सह-आरोपियों को मुंबई से पकड़ा गया, जबकि डॉक्टर को गयाजी से गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, डॉ. सत्येंद्र कुमार और उनकी पत्नी दोनों ही डॉक्टर हैं और उनके बीच पिछले कई महीनों से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते डॉक्टर ने अपनी पत्नी को फंसाने और दबाव बनाने के उद्देश्य से रंगदारी की झूठी कहानी रची थी। हालांकि, पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। इस घटना ने न केवल मेडिकल जगत बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।