शराब के लिए पैसे नहीं मिले तो पत्नी की गला घोंटकर हत्या, गया में दहेज और घरेलू हिंसा की दिल दहला देने वाली वारदात
Bihar Crime News: बिहार के गया जिले से घरेलू हिंसा की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। बाराचट्टी थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव में शनिवार की रात शराब के नशे में धुत एक पति ने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। वजह सिर्फ इतनी थी कि पत्नी ने शराब पीने के लिए पैसे देने से इनकार कर दिया।
मृतका की पहचान मधु देवी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही बाराचट्टी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
शादी के बाद से ही चलता रहा दहेज का जुल्म
मृतका के पिता रामबालक मिस्त्री ने अपने दामाद विष्णु देव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि करीब 11 साल पहले मधु देवी की शादी तेतरिया गांव निवासी विष्णु देव से हुई थी। शादी में उन्होंने जमीन बेचकर खर्च उठाया और तिलक में बाइक भी दी, लेकिन इसके बावजूद दहेज की मांग और प्रताड़ना नहीं रुकी।
परिजनों का कहना है कि विष्णु देव पेशे से कारपेंटर है, लेकिन शराब की लत के कारण अक्सर नशे में घर लौटता था और मधु देवी के साथ मारपीट करता था। कई बार पंचायत और समझाइश की कोशिश हुई, लेकिन आरोपी के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया।
शराब के लिए पैसे मांगने पर हुई हत्या
परिजनों के मुताबिक, शनिवार की रात भी विष्णु देव शराब पीकर घर आया और दोबारा शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा। मधु देवी के मना करने पर विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर आरोपी ने पहले मारपीट की और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया
मधु देवी अपने पीछे दो नाबालिग बेटों को छोड़ गई है। मां की मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में इस घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी की शराब की आदत और हिंसक स्वभाव से पूरा परिवार लंबे समय से परेशान था।
पुलिस ने कहा— हत्या का मामला, आरोपी की तलाश
बाराचट्टी थाना पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत होता है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी पति की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर शराब की लत, दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराइयों की भयावह सच्चाई को उजागर करती है, जिसमें अक्सर सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं और मासूम बच्चे होते हैं।