स्वतंत्रता दिवस से पहले केन्या में गूंजी भारतीय कला की खूबसूरती, वारली पेंटिंग वर्कशॉप में दिखा देश की संस्कृति का रंग
Nairobi: स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियों के बीच केन्या की राजधानी नैरोबी में भारतीय कला और संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली। केन्या स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर से भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के सहयोग से महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला ‘वारली’ पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में केन्या में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने वारली कला की बारीकियों को समझने के साथ खुद हाथों से इस पारंपरिक कला को उकेरा। कार्यशाला के दौरान तैयार की गई कलाकृतियों में भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं की खूबसूरत झलक देखने को मिली।
सरल आकृतियों में दिखती है जीवन की कहानी
महाराष्ट्र की प्रसिद्ध वारली कला अपनी सरल ज्यामितीय आकृतियों और पारंपरिक मोटिफ के लिए जानी जाती है। इस कला के जरिए रोजमर्रा की जिंदगी, प्रकृति, सामाजिक जीवन और सामुदायिक परंपराओं को बेहद सहज तरीके से चित्रित किया जाता है।
वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों ने इस कला को करीब से समझा और अपनी रचनात्मकता के जरिए आकर्षक वारली चित्र तैयार किए। आयोजन का उद्देश्य भारतीय कला की इस विशिष्ट परंपरा को विदेशों में भी पहचान दिलाना और भारतीय प्रवासियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना रहा।
भारतीय उच्चायोग ने इस पहल के जरिए भारत की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर सामने रखने का संदेश दिया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम ‘भारत की विरासत को जानें, बनाएं और उत्सव मनाएं’ की भावना को भी मजबूत करता नजर आया।