पाकिस्तान: आम चुनाव से पहले बलूचिस्तान में हुए दो घातक विस्फोट 

 
इस्लामिक स्टेट ने पाकिस्तान चुनाव की पूर्व संध्या पर हुए बम विस्फोटों की जिम्मेदारी ली है

संसदीय चुनाव से एक दिन पहले, दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान में एक राजनीतिक दल और एक स्वतंत्र उम्मीदवार के चुनाव कार्यालयों पर दो बम विस्फोटों में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि पहला विस्फोट बलूचिस्तान के पिशिन में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के चुनाव प्रचार कार्यालय पर हुआ, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 30 लोग घायल हो गए।

एक घंटे से भी कम समय के बाद बलूचिस्तान के किला सैफुल्लाह इलाके में अति-रूढ़िवादी पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (जेयूआई-एफ) के चुनाव कार्यालय पर जोरदार विस्फोट हुआ। कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए। घटना की जानकारी देते हुए स्थानीय डिप्टी कमिश्नर यासिर खान बज़ई ने कहा कि, स्थिति तनावपूर्ण है और हम घायलों को हेलीकॉप्टर के जरिए प्रांतीय राजधानी क्वेटा के अस्पतालों में पहुंचा रहे हैं। यह एक भारी विस्फोट था। 

वहीं कल देर रात इस्लामिक स्टेट ने हमलों की जिम्मेदारी ली। जेयूआई-एफ की रैलियां पिछले साल पहले ही इस्लामी समूह द्वारा किए गए दो आत्मघाती हमलों की चपेट में आ गई थीं, जिसमें तालिबान के साथ संबद्धता के लिए पार्टी को निशाना बनाया गया था।

बताते चलें कि, देश में, विशेषकर बलूचिस्तान में हाल ही में आतंकवादी हमलों में वृद्धि के बाद चुनाव के दौरान शांति सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान भर में हजारों पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बावजूद बम विस्फोट हुए। क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति इतनी ख़तरनाक हो गई कि चुनाव आयोग ने प्रांत में चुनाव में देरी करने पर विचार किया था। प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए), जिसने क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अलगाववादी विद्रोह से लड़ाई लड़ी है, अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से लगे बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों पर हमलों के पीछे भी रही है। बीएलए ने लोगों को गुरुवार के आम चुनाव में मतदान न करने की चेतावनी दी थी और उनसे चुनाव का बहिष्कार करने को कहा था।

प्रांतीय सूचना मंत्री जान अचकजई ने कहा कि गुरुवार के मतदान से पहले संवेदनशील मतदान केंद्रों के आसपास इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी जाएंगी, लेकिन उन्होंने कहा कि चुनाव "हर कीमत पर" होंगे। वहीं, पीएमएल-एन पार्टी के नेता और चुनावों में व्यापक रूप से अग्रणी माने जाने वाले नवाज शरीफ ने विस्फोटों की निंदा की। उन्होंने कहा, "चुनाव से कुछ घंटे पहले ये कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले हमारे उत्साह को कम नहीं कर सकते।"

गौरतलब है कि, इसके पहले, 30 जनवरी को भी एक अलगाववादी बलूचिस्तान आतंकवादी समूह ने बलूचिस्तान के माच जिले में सुरक्षा सुविधाओं पर हमला किया था, जिसमें छह लोग मारे गए। पिछले हफ्ते ही बलूचिस्तान में दो दर्जन से ज्यादा हमले किए गए हैं। बलूचिस्तान के कार्यवाहक गृह मंत्री मुहम्मद जुबैर जमाली ने कहा कि प्रांत के 5,028 मतदान केंद्रों में से लगभग 80% को "संवेदनशील" घोषित किया गया है।