14वीं JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामला: पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांग्ते से फिर शुरू हुई पूछताछ, CID ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई अहम सवाल पूछे
Ranchi: 14वीं जेपीएससी (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है. इस मामले में सीआईडी (CID) ने पूर्व चेयरमैन एल. ख्यांग्ते से एक बार फिर लंबी पूछताछ शुरू की है. उन्हें समन जारी कर रांची स्थित सीआईडी मुख्यालय बुलाया गया, जहां परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया, परिणाम तैयार करने, आउटसोर्स एजेंसी के चयन और भर्ती से जुड़े प्रशासनिक फैसलों पर विस्तार से सवाल किए गए.
वहीं 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा से जुड़े मामले में झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते सीआईडी के राडार पर हैं. सीआईडी के समन पर जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते तीसरे दिन भी सीआईडी कार्यालय पहुंचे हैं , जहां उनसे पूछताछ की जा रही है. इससे पहले एल ख्यांग्ते से लगातार दो दिनों तक पूछताछ की गई थी.
तीसरी बार सीआईडी कार्यालय पहुंचे ख्यांग्ते
झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते से शुक्रवार को भी सीआईडी की टीम पूछताछ कर रही है. सीआईडी परीक्षा संचालन, टेंडर आवंटन और कथित गड़बड़ियों से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर एल ख्यांग्ते से पूछताछ कर रही है. सीआईडी अफसरों के अनुसार जांच का फोकस इस बात पर है कि टीडीपीएल को परीक्षा संचालन का जिम्मा किन परिस्थितियों में दिया गया.
सीआईडी यह भी जानना चाहती है कि यदि एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया था तो उसे जेपीएससी जैसी संवैधानिक चयन संस्था की परीक्षा का टेंडर कैसे मिला. इसके अलावा परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी, ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी रोकने के लिए उठाए गए कदम और शिकायतों पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर भी लगातार दूसरे दिन पूर्व अध्यक्ष से जवाब मांगा जा रहा है.
पूरे मामले में जांच के दायरे में परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल का कार्यालय भी है, जहां से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं. वहीं जेपीएससी कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से संबंधित दस्तावेज, ओएमआर शीट और डिजिटल साक्ष्य भी सीआईडी ने अपने कब्जे में लिए हैं.
अब तक 11 गिरफ्तार
इस पूरे मामले में सीआईडी ने अब तक उप परीक्षा नियंत्रक समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से पांच आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ जारी है. जांच एजेंसी का कहना है कि जुटाए गए दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.