सुरक्षा एजेंसियों का दबाव असरदार, झारखंड में बड़े माओवादी नेताओं समेत 25 नक्सली करेंगे आत्मसमर्पण

Ranchi: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार ऑपरेशन चला रही हैं. हाल के महीनों में कई बड़े नक्सली मारे गए हैं और संगठन कमजोर पड़ा है. इसी दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण बड़ी संख्या में उग्रवादी आत्मसमर्पण के लिए आगे आ रहे हैं.
 

Ranchi: झारखंड में पहली बार 25 से अधिक नक्सलियों के एक साथ सरेंडर की तैयारी ने सुरक्षा एजेंसियों और सरकार को बड़ी सफलता दिलाई है. जानकारी के मुताबिक, करीब 25 माओवादी आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं, जिनमें कई बड़े इनामी नक्सली भी शामिल हैं. इन पर कुल 33 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित बताया जा रहा है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, एक करोड़ के इनामी शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर भी सरेंडर प्रक्रिया में शामिल हो सकता है. उसके साथ कई सक्रिय उग्रवादी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की तैयारी में हैं. बताया जा रहा है कि इनमें सात से अधिक इनामी नक्सली शामिल हैं.

झारखंड अलग राज्य गठन होने के बाद पहली बार 25 से अधिक नक्सलियों ने एक साथ अपने हथियार डाल दिए हैं. सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने भारी संख्या में हथियार और कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं. आत्मसमर्पण करने वालों में 25 भाकपा (माओवादी) और 2 जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के सदस्य हैं. इनमें आठ नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इन सभी के खिलाफ मिलकर कुल 426 नक्सलियाें के मामले दर्ज हैं.

पहली बार इतनी बड़ी सफलता

सीआरपीएफ, झारखंड पुलिस और खुफिया विभाग का प्रयास अब जमीन पर दिख रहा है. पिछले एक महीने से सारंडा में सक्रिय दो दर्जन से ज्यादा नक्सली हथियार के साथ जंगल से निकलने का प्रयास कर रहे थे, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षित जंगल से बाहर निकाल लिया है.

धुर्वा स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में गुरुवार दिन के 11 बजे आयोजित विशेष कार्यक्रम में सभी नक्सली एक साथ आधिकारिक रूप से सरेंडर कर दिया. आत्मसमर्पण के साथ-साथ नक्सलियों ने आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी पुलिस को सौंपा है. जिनमें लाइट मशीन गन (LMG), 5 इंसास राइफल, 9 एसएलआर राइफल, 1 बोल्ट-एक्शन राइफल, 1 पिस्टल, 31 मैगजीन, 3000 राउंड जिंदा कारतूस शामिल हैं.

किस पद के नक्सलियों ने किया सरेंडर

  • जोनल कमांडर: 7
  • एरिया कमांडर: 7
  • सक्रिय कैडर: 13

इन नक्सलियों ने किया सरेंडर

  1. गादी मुंडा उर्फ गुलशन (निवासी- बुण्डू, रांची), जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था. इसके खिलाफ चाईबासा, सरायकेला, रांची और खूंटी में कुल 48 मामले दर्ज हैं.
  2. नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा उर्फ मुखिया (निवासी- अड़की, खूंटी) जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था. चाईबासा और सरायकेला में 38 मामले दर्ज हैं.
  3. रेखा मुंडा उर्फ जयंती (निवासी- बुण्डू, रांची) — 5 लाख का इनामी; चाईबासा व सरायकेला में 18 मामले.
  4. सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल (निवासी- गोइलकेरा, चाईबासा) — 5 लाख का इनामी; चाईबासा में 123 मामले.
  5. करण तियू (निवासी- गोइल केरा, चाईबासा) —2 लाख रुपये का इनामी , चाईबासा में 29 मामले दर्ज.
  6. दर्शन उर्फ बिंज हांसदा (निवासी- छोटानगरा, चाईबासा) — 5 लाख का इनामी , चाईबासा में 14 मामले.
  7. सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा (निवासी- छोटानगरा, चाईबासा) — 5 लाख इनामी; चाईबासा में 13 मामले.
  8. बासुमती जेराई उर्फ बासू (निवासी- किरीबुरू, चाईबासा) —1 लाख रुपये का इनामी; चाईबासा में 14 मामले.
  9. बैजनाथ मुंडा (निवासी- तमाड़, रांची) — चाईबासा में 4 मामले.
  10. रघु कायम उर्फ गुणा (निवासी- मुफसिल, चाईबासा) — चाईबासा में 19 मामले.
  11. किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका (निवासी- टोंटो, चाईबासा) चाईबासा में 11 मामले.
  12. राम दयाल मुण्डा (निवासी- तमाड़, रांची) — सरायकेला और चाईबासा में कुल 4 मामले.

नक्सली कैडर जिन्होंने सरेंडर किया

वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुण्डा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, नुअस, बुमली तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम और लादू तिरिया इन सभी के ऊपर चाईबासा और अन्य थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.

JJMP संगठन के दो सदस्यों ने भी किया सरेंडर

जेजेएमपी संगठन के दो सदस्यों ने भी सरेंडर किया है. इनमें गुमला के अपर घाट का रहने वाला सचिन बैक और कलिगा का रहने वाला श्रवण शामिल है. सचिन बैक पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था और गुमला में उसके खिलाफ छह मामले दर्ज हैं. वहीं, श्रवण गोप के खिलाफ गुमला में 8 मामले दर्ज हैं.