हेमंत कैबिनेट के 53 बड़े फैसले! स्कूल, अस्पताल और पुलिस व्यवस्था में होंगे बड़े बदलाव
Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में 53 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से बैठक में लिये गये फैसलों की जानकारी दी।
बैठक में रोजगार और आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस व्यवस्था, उच्च शिक्षा, आपदा प्रबंधन समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। सरकार ने राज्य में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी योजना लागू करने को भी स्वीकृति दी है।
गैर शैक्षणिक चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष
कैबिनेट ने झारखंड स्वास्थ्य सेवा के गैर शैक्षणिक चिकित्सक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति आयु 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इसके अलावा राज्य के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा आधारित नियुक्ति के लिए नियमावली 2026 के गठन को भी मंजूरी दी गयी।
100 नए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय होंगे विकसित
शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आदर्श विद्यालय योजना के तहत पहले से संचालित 80 विद्यालयों के अतिरिक्त राज्य के 100 विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (CM School of Excellence) के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी गयी है।
इसके लिए सरकार ने 7 अरब 21 करोड़ 43 लाख 25 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
छात्राओं को हर महीने मुफ्त सैनिटरी नैपकिन
राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली छात्राओं को हर महीने अधिकतम 10 ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन मुफ्त उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।
इस योजना के लिए 1 अरब 24 करोड़ 37 लाख 96 हजार 150 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को नियमित रूप से सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराया जाएगा।
606 थानों में लगेंगे 9006 CCTV कैमरे
राज्य में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। न्यायादेश के अनुपालन में राज्य के 606 पुलिस थानों में कुल 9,006 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
इसके लिए संशोधित DPR के आधार पर 90 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है। CCTV कैमरों के माध्यम से थानों की गतिविधियों की निगरानी और रिकॉर्डिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
दो मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी MBBS और PG सीटें
कैबिनेट ने जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में MBBS सीटों की संख्या बढ़ाने तथा नए स्नातकोत्तर विषय शुरू करने और PG सीटें बढ़ाने के लिए संस्थान को मजबूत एवं अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
इस परियोजना के लिए 393 करोड़ 91 लाख 9 हजार 600 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है।
इसी तरह धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में MBBS और PG सीटों की संख्या बढ़ाने तथा नए PG विषय शुरू करने के लिए 495 करोड़ 2 लाख 77 हजार 600 रुपये की लागत को मंजूरी दी गयी है।
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ा बदलाव
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की मार्गदर्शिका में संशोधन को मंजूरी दी गयी है।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, यदि शिक्षा ऋण स्वीकृत होने में देरी होती है और अभिभावक को पिछले सेमेस्टर की फीस अपनी ओर से जमा करनी पड़ती है, तो उन्हें रिम्बर्समेंट की सुविधा दी जाएगी। सरकार के इस फैसले से ऐसे विद्यार्थियों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
छात्र अनुसंधान और नवाचार नीति को मंजूरी
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत झारखंड छात्र अनुसंधान और नवाचार नीति, 2026 के गठन को भी मंजूरी दी गयी है। इसके साथ ही झारखंड ग्रासरूट्स इनोवेशन इंटर्नशिप योजना में संशोधन को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी।
वज्रपात और ग्रीष्म लहर को लेकर फैसला
कैबिनेट ने वज्रपात और ग्रीष्म लहर को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। गृह मंत्रालय की ओर से इन आपदाओं को प्राकृतिक आपदाओं की सूची में शामिल किये जाने के बाद इन्हें झारखंड राज्य की विशिष्ट स्थानीय आपदा की सूची से हटाने की स्वीकृति दी गयी।
वित्त विभाग में 76 नए पदों की स्वीकृति
वित्त विभाग के अंतर्गत Project Monitoring Unit (PMU) को मजबूत करने के लिए पूर्व में सृजित 37 पदों को बढ़ाकर संविदा/बाह्यस्रोत आधारित कुल 76 नए पदों की स्वीकृति दी गयी है।
इसके अलावा कई अन्य विभागों से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गयी, जिनमें न्यायालय शुल्क, जेलों में ओपन/सेमी ओपन बैरक, जल क्षेत्र की राज्य विनिर्दिष्ट कार्ययोजना, अधिवक्ता लिपिक कल्याण निधि संशोधन और विशेष न्यायालय के लिए पद सृजन जैसे फैसले शामिल हैं।
मीडिया को कैबिनेट ब्रीफिंग से रखा गया दूर
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को ब्रीफिंग से दूर रखे जाने का मामला भी चर्चा में रहा। आम तौर पर कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार की ओर से पत्रकारों को फैसलों की जानकारी दी जाती है, लेकिन मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में मौजूद कई पत्रकारों को ब्रीफिंग के लिए अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।
बताया गया कि बैठक कवर करने पहुंचे दर्जनों पत्रकार काफी देर तक प्रोजेक्ट भवन के बाहर सड़क पर खड़े रहे। बाद में कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
मामले की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद उनके निर्देश पर मंत्री दीपिका पांडे सिंह और योगेंद्र प्रसाद पत्रकारों के बीच पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने इसे कन्फ्यूजन का मामला बताते हुए भविष्य में इस तरह की स्थिति नहीं होने का आश्वासन दिया।
कुल मिलाकर, कैबिनेट के 53 फैसलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, उच्च शिक्षा, रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी है।