50 साल का गौरवशाली सफर! अग्रवाल सभा के स्थापना दिवस पर सम्मान समारोह

Ranchi:  अग्रवाल सभा रांची ने अपना 50वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया. कार्यक्रम में राज्यपाल ने सभा के वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित किया. इस दौरान संस्था के पांच दशक के सामाजिक योगदान और सेवा कार्यों को याद किया गया. समारोह में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और संगठन की आगामी गतिविधियों को लेकर भी चर्चा हुई.
 

Ranchi:  अग्रवाल सभा रांची का 50वां स्थापना दिवस समारोह शुक्रवार को अग्रसेन भवन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया। इस अवसर पर पिछले पांच दशकों से अग्रवाल सभा से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित किया गया। समाज और संस्था के प्रति उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मान प्रदान किया गया।

समारोह के दौरान अग्रवाल सभा की पांच दशक लंबी यात्रा, सामाजिक गतिविधियों और समाजसेवा के क्षेत्र में संस्था के योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े पदाधिकारियों, वरिष्ठ सदस्यों और समाज के लोगों ने हिस्सा लिया।

पांच दशक की यात्रा सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि अग्रवाल सभा की पांच दशकों की यात्रा सामाजिक प्रतिबद्धता और सामूहिक प्रयासों का परिचय देती है। इस लंबी अवधि में अनेक लोगों ने अपना समय, श्रम और योगदान देकर संस्था को आगे बढ़ाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं है, बल्कि उन पूर्व पदाधिकारियों और सदस्यों को याद करने का भी अवसर है, जिन्होंने संस्था को मजबूत आधार प्रदान किया।

गांधी और शास्त्री के जीवन से समाजसेवा की प्रेरणा

राज्यपाल ने कहा कि 2 अक्टूबर का दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के रूप में महत्वपूर्ण है। दोनों महापुरुषों का जीवन समाज और देश के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति का जीवन केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी उपयोगी होना चाहिए। सामाजिक संस्थाओं की भूमिका लोगों को एकजुट कर समाज के हित में कार्य करने में महत्वपूर्ण होती है।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रवाल सभा का योगदान

राज्यपाल ने अग्रवाल सभा के सामाजिक कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि संस्था ने लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में योगदान दिया है। संस्था ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का लगातार प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन में किए गए कार्यों के साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि वह समाज को क्या देकर जाता है। सामाजिक योगदान ही किसी व्यक्ति और संस्था की उपयोगिता को आगे बढ़ाता है।

नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने पर जोर

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि जो संस्था अपनी नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने का अवसर देती है, वही संस्था भविष्य में मजबूत होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अग्रवाल सभा आने वाले वर्षों में भी अपने सामाजिक कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाएगी।

उन्होंने नई पीढ़ी से संस्था के वरिष्ठ सदस्यों की विरासत और उनके सामाजिक योगदान से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

1977 में रखी गई थी अग्रवाल सभा की नींव

पूर्व सांसद महेश पोद्दार ने संस्था की स्थापना के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि अग्रसेन महाराज के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि अग्रवाल सभा की नींव वर्ष 1977 में रखी गई थी।

उन्होंने कहा कि संस्था के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय सत्यनारायण जी बजाज और सचिव भागचंद पोद्दार थे। महेश पोद्दार ने संस्था की स्थापना और संचालन में योगदान देने वाले सभी लोगों को श्रद्धापूर्वक याद किया।

बुजुर्गों की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी की

महेश पोद्दार ने कहा कि वे स्वयं अग्रवाल समाज से जुड़े हैं और समाज के बुजुर्गों ने जिस संस्था की नींव रखी, उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नई पीढ़ी की है।

उन्होंने कहा कि संस्था के 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इन पांच दशकों की यात्रा को वरिष्ठ लोगों ने अपने योगदान से मजबूत बनाया है। अब अगले 50 वर्षों की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को संभालनी होगी।

वरिष्ठ सदस्य और समाज के लोग रहे मौजूद

स्थापना दिवस समारोह में अग्रवाल सभा से जुड़े वरिष्ठ सदस्य और समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में राजकुमार केडिया, गोवर्धन प्रसाद गाडोदिया सहित अग्रवाल सभा के अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए।

समारोह के दौरान संस्था से जुड़े वरिष्ठ सदस्यों के योगदान को सम्मान के साथ याद किया गया। कार्यक्रम में पांच दशक की उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य में सामाजिक कार्यों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की भावना भी व्यक्त की गई।